दिल्ली का आश्रम ही नहीं, आसाराम बापू का गाजियाबाद स्थित आश्रम भी तीन साल से विवादों में है। नगर निगम और आश्रम समिति के बीच जमीन को लेकर पैदा हुआ विवाद हाईकोर्ट तक पहुंचा गया है।
निगम का दावा है कि करीब दो हजार वर्गमीटर सरकारी जमीन पर आश्रम समिति ने अवैध निर्माण कर स्कूल बना लिया है।
निगम अधिकारियों का कहना है कि हाईकोर्ट से पक्ष में फैसला आया तो अवैध निर्माण गिराकर सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराया जाएगा।
दूसरी ओर, आश्रम समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि आश्रम की एक-एक इंच जमीन खरीदी हुई है।
दरअसल, पूर्व महापौर डीसी गर्ग के कार्यकाल (1995-2005) में नंदग्राम स्थित आश्रम को मेंटीनेंस के लिए ग्रीन बेल्ट दी गई थी।
तभी से आश्रम ही उसकी देखभाल करता था। निगम अधिकारियों के मुताबिक ग्रीन बेल्ट की करीब दो हजार वर्ग मीटर जमीन पर आश्रम ने कब्जा कर स्कूल बना लिया है। मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
आश्रम समिति के मीडिया प्रभारी पवन झा का कहना है कि ग्रीन बेल्ट की जमीन पर आश्रम पेड़ लगाकर खाली छोड़ी हुई थी।
बसपा शासन काल में बनाए गए गर्ल्स हॉस्टल के लिए निगम ने जमीन वापस ले ली। आश्रम समिति का कहना है कि निगम ने कुछ जमीन आश्रम की भी कब्जा ली।