नोटबंदी का मामला लोगों के लिए अभी भी मुसीबत बना हुआ है। 22 दिन बाद भी मेवात के लोगों को इससे राहत नहीं मिल पा रही है। बुधवार को कस्बा पुन्हाना के कैनरा बैंक में कैश खत्म होने की सूचना पर लोगों ने पथराव कर बैंक के शीशे तोड़ डाले।
कैश की किल्लत से जूझ रहे लोगों का बुधवार को सब्र का बांध टूट गया। कैश खत्म होने की सूचना मिलने पर पुन्हाना स्थित केनरा बैंक से कैश निकालने के लिए सुबह से लाइन में खडे़ लोगों ने बैंक पर पथराव कर दिया।
बैंक के बाहर खडे़ सुरक्षाकर्मी के साथ भी हाथापाई हो गई। पथराव होते देख बैंक के अंदर खडे़ सुरक्षाकर्मी ने तुरंत दरवाजा बंद कर दिया। गांव खेड़ी कला की महिला का आरोप है कि उसकी बेटी की 11 दिसंबर की शादी है, फिर भी पैसे नहीं दिए जा रहे हैं।
लोगों का आरोप है कि मैनेजर व्यापारी लोगों से साठगांठ किए हुए है। लोगों को बहुत ही कम पैसा देता है। यह भी आरोप लगाया कि हर रोज मैनेजर दो बजे कैश देना शुरू करता है और चार बजे बंद कर देता है।
आरोप है कि मेवात के काफी लोग ओबीसी बैंक सोहना से अपने पैसे निकलवा कर ला रहे थे, लेकिन बड़कली स्थित ओबीसी बैंक मैनेजर ने उनको मना कर दिया है, जिससे उनको काफी परेशानी हो रही है।
टोकन के बाद भी नहीं मिल रहे पैसे
गांव नरियाला निवासी जमशेद और ऐजाज का आरोप है कि वह पिछले तीन दिन से नगीना की ओबीसी बैंक में पैसे निकलवाने के लिए आ रहे हैं। सुबह चार बजे ही लाइन में लग जाते हैं और शाम को चार बजे कहा दिया जाता है कि अब कैश खत्म हो गया। बाद में उनको टोकन देकर घर भेज देते हैं। सुबह फिर टोकन दिया जाता है, उसके बावजूद उनको तीन चार दिन से पैसे नहीं दिए जा रहे हैं।
व्यापारी आसानी से ले जाते हैं कैश
गांव इमाम नगर के शौकीन और खांजादा बसी निवासी मशरूफ का आरोप है कि वे सुबह चार बजे ही लाइन में लग जाते हैं, लेकिन बैंक का मैनेजर हर रोज 2 बजे से 4 बजे तक ही पैसे बांटता है। उनका आरोप है कि बाजार के कुछ व्यापारी बैंक में बिना रोके टोके आते हैं और कैश ले जाते हैं।
मैनेजर ने आरोपों को नकारा
बड़कली चौक स्थित ओबीसी बैंक के मैनेजर रजनीश गुप्ता ने सभी आरोपाें को सिरे से नकारते हुए कहा कि जितना भी कैश आता है सभी लोगों को बांटा जाता है, वहीं उनका व्यापारियों से कोई लेना देना नहीं है, बल्कि कई व्यापारी अपना रोज का जमा कराने के लिए आते हैं।