गलत इंजेक्शन और दवा देने से दो माह की बच्ची की मौत का आरोप इलाज करने वाले डॉक्टर पर लगाया गया है।
शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। आरोपी डॉक्टर की डिग्री पर संदेह होने पर पुलिस की ओर से इसकी सूचना दिल्ली मेडिकल काउंसिल को दी गई है।
दिल्ली मेडिकल काउंसिल भी मामले की जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक कापसहेड़ा निवासी अशोक कुमार, तीन दिन पहले बच्ची को बुखार और दस्त की शिकायत के बाद घर के नजदीक एक क्लीनिक में इलाज के लिए ले गया था।
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वहां डॉक्टर ने इंजेक्शन और दवा दी। जिसके बाद मासूम की तबियत और बिगड़ने लगी। बुधवार शाम को बच्ची की मौत हो गई।
अशोक का आरोप है कि मौत होने के बाद इलाज करने वाले डॉक्टर ने सफदरजंग अस्पताल ले जाने की सलाह दी। सफदरजंग ले जाने पर डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची की मौत हो चुकी है। इसके बाद डॉक्टर की शिकायत पुलिस से की गई।
शुरुआती जांच में इलाज करने वाले डॉ सत्येंद्र मुखिया की डिग्री पर संदेह होने पर पुलिस ने इस बात की सूचना दिल्ली मेडिकल काउंसिल को दी और आरोपी डॉक्टर की डिग्री जांचने का आग्रह किया।
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पुलिस ने दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग से पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल बोर्ड गठन करने का आग्रह किया है। जिसे स्वीकार कर लिया गया है।
उधर दिल्ली मेडिकल काउंसिल के सदस्य और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ काम करने वाले चिकित्सक डॉ. अनिल बंसल ने कहा कि उन्हें संदेह है कि आरोपी डॉ सत्येंद्र मुखिया के पास इलाज करने की योग्यता नहीं है।
उन्होंने कहा कि उस क्लीनिक पर पहले भी छापा मारा जा चुका है। फिलहाल इस मामले की भी जांच की जा रही है।