आलमपुर में ईद की नमाज के दौरान दो पक्षों में हुई मारपीट में घायल उमर सैद की रविवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत से गुस्साए गांव वालों ने सोहना रोड पर धौज गांव के पास शव रख कर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारी आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
मौके पर मौजूद थाना इंचार्ज ने किसी तरह लोगों को शांत कर शव का अंतिम संस्कार करने के लिए समझाया। देर शाम तक प्रदर्शन जारी था। तनाव को देखते हुए पलवल और गुड़गांव से भी पुलिस बल बुला कर गांव में तैनात कर दिया गया है। घटना की वजह चुनावी रंजिश बताई जा रही है।
मालूम हो कि आलमपुर गांव में बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे ईद की नमाज अदा गई थी। ईदगाह में गांव के शब्बीर और आजाद भी परिवार के साथ नमाज पढ़ने आए थे। नमाज अदा कर दोनों पक्ष बाहर निकल रहे थे कि किसी बात पर उनमें झड़प हो गई। इसके बाद दोनों पक्ष के समर्थकों ने एक दूसरे पर लाठी, डंडे और ईंट पत्थरों से हमला बोल दिया था। करीब आधे घंटे तक हुए संघर्ष में कई लोग घायल हुए थे।
इसमें आजाद पक्ष का उमर सैद भी गंभीर रूप से घायल हुआ था, उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। गांव वालों के मुताबिक पंचायत चुनाव में शब्बीर और आजाद के बीच टक्कर थी। हालांकि शब्बीर चुनाव जीत गया लेकिन दोनों पक्ष के बीच रंजिश हो गई थी। बृहस्पतिवार को हुई लड़ाई उसी का नतीजा माना जा रहा है।
गांव में तनाव, पुलिस सतर्क
संघर्ष के बाद से आलमपुर गांव का माहौल तनावपूर्ण है। इसके मद्देनजर गांव और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। रविवार को उमर सैद की मौत की खबर पहुंचते ही गांव में तनाव बढ़ गया। कुछ लोग गाली गलौज करते हुए शब्बीर के घर की ओर बढ़े तो पुलिस वालों ने उन्हें वापस किया। बढ़ते तनाव की खबर कंट्रोल रूम को दी गई।
शव पहुंचने से पहले ही गांव में थाना सारन, सेक्टर-55, मुजेसर, पाली चौकी, संजय कॉलोनी चौकी, धौज चौकी, सिकरौना चौकी का पुलिस बल बुला लिया गया। शाम करीब छह बजे शव पहुंचते ही सैकड़ों की तादाद में महिला पुरुष बाहर निकल आए। सेक्टर 55 एसएचओ वरुण कुमार ने लोगों को आश्वासन दिया कि घटना के बाद से फरार चल रहे आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।