विशेष पोक्सो अदालत ने झूठी शिकायत के मद्देनजर 17 वर्षीय नाबालिग के यौन शोषण मामले में आरोपी शख्स को बरी कर दिया।
पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने कहा कि झूठे व प्रेरित मामले के कारण आरोपी की स्वतंत्रता का हनन हुआ है।
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अदालत ने कहा कि पोक्सो की धारा-21 में मिले अधिकार के कारण झूठे साक्ष्य पेश करने वाली शिकायतकर्ता पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।
नाबालिग ने अपने बयान में स्वीकार किया है कि उसने अपने भाई के कहने पर उक्त शख्स को झूठे मामले में फंसाया, क्योंकि वह आरोपी से बदला लेना चाहता था।
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आरोपी शख्स फोन पर लड़की से संपर्क में था। सबक सिखाने के लिए नाबालिग ने उसे आईएनए मेट्रो स्टेशन पर बुलाया था।
इसके बाद शोर मचाकर भीड़ से उक्त शख्स को पकड़वा दिया था। लड़की की शिकायत पर सरोजनी नगर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था।