नोएडा में एक प्रॉपर्टी डीलर से पांच लाख की उगाही में वांछित दारोगा को ढूंढने में पुलिस अभी तक नाकाम है और आरोपी आराम से फेसबुक अपडेट कर रहा है।
वह दोस्तों से मैसेज के जरिए संपर्क कर रहा है लेकिन, सर्विलांस में माहिर नोएडा पुलिस दारोगा की लोकेशन का पता नहीं लगा पा रही है।
इतना ही नहीं, दारोगा और उसका साथी प्रॉपर्टी डीलर को ‘मैनेज’ करने के लिए कई बार फोन पर बातचीत भी कर चुके हैं। प्रॉपर्टी डीलर से फरार दारोगा के साथी शपथ पत्र भी ले चुके हैं, जिसे आने वाले दिनों में केस खत्म करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
दारोगा शरद मलिक ने शनिवार देर रात फेसबुक पर फोटो अपलोड की है। जिसमें एक धार्मिक स्थल के दर्शन का भी जिक्र भी है। उधर, नोएडा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शरद मलिक की तलाश में मेरठ से लेकर संभावित ठिकानों पर छापेमारी का दावा कर रहे हैं।
लेकिन, पुलिस सूत्रों की मानें तो ये दावे केस डायरी और लिखा पढ़ी तक ही सीमित हैं। थाना सेक्टर-20 एसएसआई शरद मलिक व जीआईपी चौकी प्रभारी विवेक शर्मा व गाजियाबाद के सिपाही नितिन ने तीन फरवरी की रात मयूर विहार फेज थ्री में रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर को अगवा किया। इन लोगों ने फर्जी केस में बंद करने के नाम पर साढ़े पांच लाख रुपये प्रॉपर्टी डीलर से वसूले थे।
अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के बाद तीनों पुलिस कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने नाटकीय ढंग से पांच लाख रुपये शरद मलिक व सिपाही के मकान से बरामद किए थे। तीनों को निलंबित कर दिया गया। इस प्रकरण में थाना सेक्टर-39 के तीन सिपाहियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई थी। जिन्हें अधिकारियों ने लाइन हाजिर किया था।