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चोरों का ऐसा गैंंग जो महिलाओं का वेश धर के मेट्रो में वारादात को देते थे अंजाम

Fri, 23 Feb 2018 10:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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कश्मीरी गेट मेट्रो थाना पुलिस ने एक ऐसे गैंग का खुलासा किया है जो लड़कियों का भेष धारण कर महिला कोच में घुसकर वारदात को अंजाम देता था। पुलिस ने गैंग के दो सदस्यों को पकड़ा है। जिसमें एक नाबालिग है। दूसरे बदमाश की पहचान लोनी गाजियाबाद निवासी सत्यम गुप्ता(22) के रूप में हुई है। आरोपियों पर पहले से एक मामला दर्ज है।
 
मेट्रो पुलिस उपायुक्त पंकज कुमार सिंह ने बताया कि माल रोड स्थित एक पीजी में रहने वाली श्रेया ने 19 फरवरी को मेट्रो ट्रेन की महिला कोच से उसकी मोबाइल फोन चोरी होने की शिकायत दर्ज करवायी। घटना के समय वह दिल्ली विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन की ओर जा रही थी।
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शिकायत में युवती ने बताया कि उसे पीछे खड़ी दो युवतियों पर शक है। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। थाना प्रभारी कंचन लाल मीणा ने सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की। 
फुटेज की जांच के दौरान उन्हें 17 वर्षीय नाबालिग दिखा जो मानसरोवर पार्क इलाके में कुछ दिन पहले पकड़ा गया था। उसकी पहचान करने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और उसके दूसरे सहयोगी लोनी गाजियाबाद निवासी सत्यम गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सत्यम के पास से पीड़िता का मोबाइल फोन बरामद कर लिया। 

पूछताछ में सत्यम ने बताया कि वह फैक्टरी में काम करता है। यहां से मिलने वाले वेतन से वह अपने शौक को पूरा नहीं कर पा रहा था। इसलिए उसने अपने नाबालिग सहयोगी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने लगा। 

वारदात को अंजाम देने के लिए लड़कियों का भेष धारण करते थे 
पुलिस सूत्रों के मुताबिक सत्यम और उसका नाबालिग सहयोगी वारदात को अंजाम देने के लिए लड़कियों का भेष धारण करते थे। दोनों लड़कियों वाला कपड़ा पहनते थे। उसकी पहचान न हो इसके लिए दोनों अपने सिर पर जूड़ा बांधते थे और चोटी लटकाते थे।
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चेहरे को स्कार्फ से ढक लेते थे। इसके साथ साथ आरोपी लड़कियों की तरह दिखे इसके लिए अपना आईब्रो बनाते थे। लड़कियों की तरह बनने के बाद वह आसानी से महिला कोच में सवार हो जाते थे और महिलाओं को अपना शिकार बनाते थे। 
 
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