नोएडा के सेक्टर-33 के रामलीला ग्राउंड से चोरों ने चंद दिनों में पचास हजार किलो लोहा चुरा लिया, वो भी दिनदहाड़े और सबकी आंखों के सामने। इसकी कीमत करीब चालीस लाख रुपये आंकी जा रही है। कूड़ेदानों से ये लोहा काटकर गिरोह ट्रकों में भरता था और मेरठ जाकर बेच देता था।
मंगलवार को मौके पर पहुंचे प्राधिकरण कर्मियों को गिरोह ने गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन बाद में आठ लोगों को सेक्टर-24 पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से 23 सिलेंडर, चार गैस कटर, पानी की टंकी, बाइक बरामद की गई है। गिरोह के कई सदस्य कार से भाग निकले।
प्राधिकरण अधिकारियों ने पुलिस को बताया कि नोएडा प्राधिकरण ने शहर के कूड़ेदान खराब होने पर सेक्टर-33 के रामलीला ग्राउंड में रखवा दिया था। परियोजना अभियंता बीके सिंह ने बताया कि मंगलवार को प्राधिकरण के कर्मी ग्राउंड से गुजरे तो उन्होंने देखा कि कुछ लोग गैस कटर से लोहा काटकर ले जा रहे हैं।
पूछने पर गिरोह ने कहा कि टेंडर के जरिए लोहा काटने का काम किया जा रहा है। जब प्राधिकरण में कर्मियों ने पूछताछ की तो पता चला कि आचार संहिता लगी है और कोई टेंडर नहीं निकाला गया। इसके बाद बड़ी संख्या में प्राधिकरण कर्मी और पुलिस मौके पर पहुंची।
गिरोह के आठ सदस्यों जावेद, जावेद-2, आबिद, राधेश्याम, संतोष, भोला प्रसाद सभी निवासी गाजियाबाद और रमेश व हीरामन मूल निवासी बहराइच (वर्तमान लेबर चौक निवासी गाजियाबाद) को गिरफ्तार किया है। इस दौरान ठेकेदार अवनीश नंदन निवासी ओखला और चार अन्य कार से फरार हो गए।
500 किलो बचा लोहा
प्राधिकरण के परियोजना अभियंता ने बताया कि यह खराब पड़े कूड़ेदान करीब पचास हजार किलो के थे। जिनका आचार संहिता समाप्त होने के बाद टेंडर निकाला जाना था। जिनकी मौजूदा कीमत लगभग चालीस लाख के आसपास थी। अब करीब 500 किलो लोहा ही मौके पर मिला है।
दो दिन पहले पुलिस ने किया था चेक
रामलीला ग्राउंड में लोहे के कूडे़दानों को काटने का काम गिरोह बड़े इत्मिनान से कर रहा था। बाकायदा फर्जी टेंडर बनवाया गया। दो दिन पहले सेक्टर-33 चौकी से पुलिस मौके पर गई थी। पूछताछ करने पर बदमाशों ने फर्जी टेंडर दिखाकर उन्हें चलता कर दिया था।
प्राधिकरण कर्मी की मिलीभगत का संदेह
शहर के बीचोंबीच पार्क से इतनी भारी मात्रा में लोहा चोरी होने की घटना में प्राधिकरण कर्मी की मिलीभगत का संदेह पुलिस ने जाहिर किया जा रहा है। बेहद कम मात्रा में लोहा बचने पर प्राधिकरण को इसकी जानकारी मिलना शक पैदा करता है। आशंका है कि गिरोह के तार मेरठ के कबाड़ी मार्केट से जुड़े हो सकते हैं।