एक बिल्डर की साइट पर काम करने वाले मूलरूप से महोबा निवासी मजदूर की पांच साल की बच्ची की उपचार व नकदी के अभाव में मौत हो गई। गुस्साए परिजनों व मजदूरों ने साइट पर बच्वी का शव ले जाकर हंगामा किया औैर ठेकेदार से तीन माह से रुपये नहीं देने का आरोप लगाया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को दस हजार रुपये की आर्थिक मदद दिलाकर महोबा भेजा। बताया गया है कि महोबा निवासी गजेंद्र सिंह ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एक बिल्डर की निर्माणाधीन साइट पर मजदूरी करता है और पास में झुग्गी बनाकर परिवार के साथ रहता है।
मंगलवार को गजेंद्र की पांच साल की बेटी पिंकी की मौत हो गई। परिजन व अन्य मजदूर बच्ची का शव लेेकर साइट पर पहुंचकर हंगामा करने लगे। मजदूरों का आरोप है कि ठेकेदार के तीन माह से रुपये नहीं देने के कारण व बच्ची का सही ढंग सेे उपचार नहीं करा पाए।
हालांकि उन्होंने अस्पताल में बच्ची को दिखाया था। वहीं, ठेकेदार का कहना है कि एक माह से नकदी की किल्लत होने के कारण वह पूरा भुगतान नहीं कर सके। हालांकि उसने कुछ रुपये बीच में दिए थे। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई।
पुलिस ने दोनों पक्षों से वार्ता की और बिल्डर आदि से पीड़ित परिवार को दस हजार रुपये की आर्थिक मदद दिलाई। इसके बाद परिजनों ने बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया और महोबा के लिए रवाना हो गए।
इस संबंध मेें बिसरख कोतवाली प्रभारी ने बताया कि परिजन तीन माह से रुपये नहीं देने का आरोप लगा रहे थे। बाद में आर्थिक मदद देने के बाद वह शव लेकर चले गए, उन्होंने पोस्टमार्टम कराने से भी इनकार कर दिया।