नई दिल्ली के तिलक मार्ग थाने के सामने दिनदहाड़े हुई 30 लाख रुपये की लूट की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पैसे ले जा रहे व्यक्ति ने पैसों को भैरो मंदिर के पास पार्क में मिट्टी में दबा दिया था और फिर तिलक मार्ग थाने के सामने आकर पुलिस को लूट की सूचना दी थी।
सीसीटीवी फुटेज ने आरोपी के झूठ से पर्दा उठा दिया। रकम हवाला की बताई जा रही है, हालांकि पुलिस अधिकारी इस बात से इनकार कर रहे हैं।
गौरतलब है कि कोंडली निवासी अमित शर्मा व्यवसायी प्रमोद मोदी की फैक्टरी में काम करता है। अमित ने 22 जून को अपना वेतन लेने के लिए प्रमोद मोदी को फोन किया था। मालिक ने उसे वेतन लेने के लिए खिजराबाद स्थित फैक्टरी में बुलाया।
अमित ने काम करने के लिए हां कर दी
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प्रमोद ने वेतन देने के बाद कहा कि उसके चाचा किशन का एक काम है और वह कर दो। अमित शर्मा ने काम करने के लिए हां कर दी। किशन ने उसे बताया कि उसे 30 लाख रुपये किसी को पहुंचाने हैं।
वह तिलक मार्ग थाने के सामने सागर अपार्टमेंट स्थित किशन के कार्यालय में पहुंचा। यहां उसे 30 लाख रुपये दिए गए और श्रीनिवासपुरी पहुंचाने के लिए कहा।
इसके बाद शाम करीब साढ़े पांच बजे अमित ने पुलिस को सूचना दी कि तिलक मार्ग थाने के सामने स्वीफ्ट कार में आए दो बदमाशों ने उससे तीस लाख रुपये छीन लिए। तिलक मार्ग थाना पुलिस ने लूट का मामला दर्जकर तफ्तीश शुरू कर दी।
फुटेज में कार कहीं भी नहीं दिखाई दी
पुलिस
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पुलिस ने तिलक मार्ग थाने के सामने व तिलक मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। फुटेज में स्वीफ्ट कार कहीं भी नहीं दिखाई दी और न ही लूट की वारदात होने के कोई सबूत मिले। पुलिस के सामने ये भी सवाल थे कि आरोपी ने लूट की सूचना पुलिस को देरी से क्यों दी और उसने लूट के वक्त शोर क्यों नहीं मचाया।
इसके बाद पुलिस ने लूट की शिकायत करने वाले अमित शर्मा से कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ में उसने सच उगल दिया। उसने बताया कि वह सागर अपार्टमेंट से पैसे लेकर पल्सर बाइक से निकला।
पैसे उसने भैरो मंदिर के पास स्थित पार्क में दबा दिए थे और तिलक मार्ग थाने के सामने आकर लूट की झूठी सूचना दे दी थी। आरोपी का कहना है कि उसके मन में लालच आ गया था और वह पैसे को अपने पास रखना चाहता था।