दसवीं कक्षा की छात्रा को 28 दिनों तक बंधक बनाकर दुष्कर्म करने के मामले में न्यायालय ने ऑटो चालक को 10 साल की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के बाद सजा सुनाई गई। कोर्ट ने 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सरकारी अधिवक्ता मनोज तेवतिया ने बताया कि नोएडा के एक गांव में रहने वाली 16 साल की छात्रा सरकारी स्कूल में पढ़ती थी। 13 अक्टूबर 2012 को छात्रा के गांव का रहने वाला ऑटो चालक नरेंद्र सैनी उसके विद्यालय पहुंचा। उसने छात्रा से कहा कि उसके पिता की तबीयत खराब है।
पिता के बीमार होने की बात सुनकर छात्रा उसके साथ चली गई। नरेंद्र सैनी ने छात्रा को 28 दिनों तक बंधक बनाकर दुष्कर्म किया। वह उसे अलीगढ़, आगरा, जोधपुर और लखनऊ लेकर गया। 28 दिनों बाद किसी तरह मौका पाकर छात्रा ने पिता को फोन कर मामले की आपबीती सुनाई।
नोएडा के सेक्टर-39 थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके बाद पिता के नंबर पर आए फोन के आधार पर पुलिस ने कॉल ट्रेस कर नरेंद्र सैनी को गिरफ्तार किया। मामले में कुल पांच गवाह पेश हुए। आरोपी के खिलाफ तीन अलग-अलग धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के दौरान नरेंद्र सैनी को आईपीसी सेक्शन-363 में पांच साल, सेक्शन-366 में सात साल और सेक्शन-376 में 10 साल की सजा सुनाई गई। तीनों सजा एक साथ चलेंगी। इसके अलावा उस पर 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।