दिल्ली के हौजकाजी पुलिस ने मानव तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो महिला समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों महिलाएं देह व्यापार से जुड़ी हैं। वहीं दो अन्य आरोपी युवक असम के रहने वाले हैं। पूछताछ के दौरान पता चला कि वे लड़कियों को शादी का झांसा देकर दिल्ली लाते थे और फिर उन्हें कोठों पर बेच देते थे।
मध्य जिला के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने बताया कि 27 अगस्त को हौजकाजी स्थित तमन्ना रेस्टोरेंट में एक लड़की के खुदकुशी कर ली थी। उसकी पहचान कूच बिहार (पश्चिम बंगाल) निवासी रिंकू शाह (17) के रूप में हुई थी। लड़की कासिम नाम के लड़के के साथ 25 अगस्त को रेस्टोरेंट आई थी।
दोनों ने रेस्टोरेंट में फर्जी पहचान पत्र दिया था। तफ्तीश में पता चला कि कासिम पहले भी तीन बार इस रेस्टोरेंट में तीन अलग-अलग महिलाओं के साथ रुक चुका है। पुलिस ने कासिम के मोबाइल की कॉल डिटेल के जरिए जीबी रोड में रहने वाली हीमा नाम की महिला से संपर्क किया।
हीमा ने बताया कि कासिम ने जनकपुरी के सीतापुरी निवासी रंजू नाम की महिला से रिंकू शाह को 75 हजार रुपये में बेचने के बात की थी, लेकिन उसने इनकार कर दिया था। इस सूचना पर 4 सितंबर को पुलिस ने रंजू को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से झारखंड की 17 वर्षीय लड़की को मुक्त करा लिया, जिसे वह कोठे पर बेचने के लिए लाई थी।
रंजू ने बताया कि वह कोकराघर (असम) के रहने वाले अफजल अली (24) और राबिल-उल-इस्लाम के साथ मानव तस्करी करती है। गिरोह में नोएडा सेक्टर-63 में रहने वाली किरण (51) भी शामिल है। इसके बाद सब इंस्पेक्टर सतेंद्र सिंह और हेड कांस्टेबल देवेंद्र सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने 16 सितंबर को अफजल और राबिल को बक्छीहाट (पश्चिम बंगाल) से दबोच लिया। इनकी निशानदेही पर किरण को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
लड़कियों को फंसाने के मिलते थे 30 हजार
पकड़े गए युवकों ने बताया कि गिरोह का सरगना राजा उन्हें लड़कियों को प्यार के जाल में फंसाने के लिए 30 हजार रुपये देता था। दोनों लड़कियों को दिल्ली लाते थे और यहां सक्रिय गिरोह के सदस्यों की मदद से उन्हें कोठे पर बेच देते थे। पुलिस ने बताया कि गिरोह के सरगना की तलाश की जा रही है।
2-किशोरी से रेप के बाद चाचा को बेचा
दिल्ली में शादी का झांसा देकर किशोरी को प्लेसमेंट एजेंसी में बेचने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने युवक के चाचा व एजेंसी के मालिक को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने युवक के खिलाफ दुष्कर्म का मामला भी दर्ज किया है।
पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि 16 सितंबर को पश्चिम बंगाल निवासी एक व्यक्ति स्वयंसेवी संस्था के पदाधिकारियों के साथ आनंद विहार थाने पहुंचा। उसने बताया कि उसकी 15 साल की बेटी का इस वर्ष जनवरी में पश्चिम बंगाल से अपहरण हो गया है।
5 सितंबर को दिल्ली के लैंड लाइन नंबर से उसके पास बेटी का फोन आया। उसने बताया कि वह एक घर में नौकरानी का काम कर रही है, जहां उसे काफी प्रताड़ित किया जा रहा है।
पुलिस ने फोन नंबर की पहचान कर गत 17 सितंबर को आनंद विहार के सूर्या निकेतन स्थित एक मकान में दबिश दी। पुलिस ने वहां से किशोरी को मुक्त करा लिया।
किशोरी ने पुलिस को बताया कि नवंबर 2013 में उसकी मुलाकात राशिद नाम के युवक से हुई थी। वह उससे प्यार करने लगा और शादी करने की बात कहकर दिल्ली ले आया।
राशिद ने चिराग दिल्ली के एक प्लेसमेंट एजेंसी में एजेंट का काम करने वाले अपने चाचा जहांगीर से मिलवाया और उसे आठ दिनों तक प्लेसमेंट एजेंसी के हॉस्टल में रखा।
जहां राशिद ने उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में उसे प्लेसमेंट एजेंसी के मालिक को बेचकर चला गया। पुलिस ने युवक, उसके चाचा और प्लेसमेंट एजेंसी के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है।
3-गैंगरेप पीड़िता से पुलिसवाले ने की छेड़छाड़!
दिल्ली के करावल नगर में सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता ने तत्कालीन थाना प्रभारी के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत की है। मामले में स्थानीय पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं करने पर उसने पुलिस आयुक्त से इसकी शिकायत की।
पुलिस आयुक्त के निर्देश के बाद करावल नगर थाने में छेड़छाड़ का मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच एसीपी को सौंपी गई है। कुछ दिनों पहले थाना प्रभारी का तबादला कर दिया गया था।
पुलिस आयुक्त को दी गई शिकायत में पीड़िता ने आरोप लगाया है कि इसी साल 6 जून को उसने करावल नगर में गैंगरेप की शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें उसने तीन लोगों को नामजद किया था। मामले पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर वह तत्कालीन थाना प्रभारी रमन झा से मिली।
उसका आरोप है कि थाना प्रभारी ने उसे कोल्ड ड्रिंक पीने के लिए दिया। जिसे पीने के बाद उसे नशा छा गया। इसी दौरान आरोपी थाना प्रभारी ने उसके साथ अश्लील हरकतें की।
पीड़िता का आरोप है कि थाना प्रभारी ने उसके मोबाइल के वाटस ऐप के जरिये अश्लील वीडियो भेजे और अश्लील एसएमएस किया। उसने बताया कि जब भी वह थाने गई, उसके साथ आरोपी ने अभद्र व्यवहार किया।
वहीं मामले में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस आयुक्त के निर्देश पर पूर्व थाना प्रभारी पर नशीला पदार्थ पिलाने, छेड़छाड़, अश्लील हरकत करने और अश्लील टिप्पणी का मामला दर्ज किया गया है।
4- SC के नामित जज पर यौन उत्पीड़न मामले की सुनवाई आज
सुप्रीम कोर्ट के नामित मुख्य न्यायाधीश एचएल दत्तू के खिलाफ यौन उत्पीड़न व अन्य आरोप लगाने वाली महिला ने बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई कर रहे जज पर आपत्ति जताई। इसके बाद सुनवाई फिर टल गई। अब विशेष खंडपीठ के समक्ष शुक्रवार को मामले की सुनवाई होगी।
मुख्य न्यायाधीश जी.रोहिणी और न्यायमूर्ति आरएस एंडलॉ की खंडपीठ के समक्ष याची ने कहा कि उसने याचिका में पहले ही तर्क रखा था कि उनके मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आरएस एंडलॉ व तीन अन्य जजों के समक्ष न हो। महिला ने कहा कि उसने आरएस एंडलॉ के खिलाफ भी कई आरोप लगाए हैं।
ऐसे में सुनवाई किसी अन्य खंडपीठ के समक्ष हो। मुख्य न्यायाधीश जी.रोहिणी ने याची के आग्रह को स्वीकार कर लिया और सुनवाई के लिए विशेष खंडपीठ बनाने का निर्देश दिया। बता दें कि बुधवार को भी मामले में तथ्य रखने के याची के आग्रह पर कोर्ट ने सुनवाई बृहस्पतिवार तक टाल दी थी।
5- पुलिस की वर्दी में डंपर चालक को लूटा
दिल्ली के अलीपुर इलाके में पुलिस की वर्दी पहन कर डंपर चालक को लूटने का मामला सामने आया है। बदमाश ने डंपर चालक और हेल्पर को बंधक बनाकर उससे तेरह हजार रुपये और डंपर लूटकर फरार हो गए।
पीड़ित के शिकायत पर अलीपुर थाना पुलिस ने लूटपाट का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार लालसिंह (61) सपरिवार मंडावली में रहता है। लालसिंह ने पुलिस को बताया कि बुधवार रात वह डंपर पर रोड़ी लेकर कोंडली की तरह जा रहा था।
खामपुर के पास पुलिस की वर्दी पहने बाइक सवार ने रोका। इसी दौरान पीछे से एक कार आकर रूकी। कार से उतरे तीन युवकों ने उसे हेल्पर गोविंद के साथ कार में बंधक बना लिया। मुरथल के पास उनलोगों ने उससे 13 हजार लूटकर दोनों को नीचे उतार दिया और डंपर लेकर फरार हो गए।
6- ट्रैफिक नियम तोड़ने की धमकी देकर लूटा
दिल्ली के ग्रेटर कैलाश-एक में बदमाश ने बुजुर्ग को ट्रैफिक नियम तोड़ने की धमकी दी और फिर खुद को क्राइम ब्रांच का पुलिस अधिकारी बताकर ठग लिया। ग्रेटर कैलाश-एक थाना पुलिस मामला दर्ज करके उसकी तलाश कर रही है। वहीं, पुलिस बीआरटी कॉरिडोर पर लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है।
पुलिस के अनुसार, संत नगर निवासी देवेंद्र सिंह (60) बुधवार को स्कूटर से सादिक नगर स्थित जल बोर्ड के कार्यालय में बिल जमा कराने जा रहे थे। वे कार्यालय पहुंचे ही थे कि पीछे से लंबी कद काठी वाला एक शख्स आया। उसने देवेंद्र से कहा कि वह दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच से है। आपने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया है जिसकी फोटो कैमरे में आ गई है।
स्कूटर जमा होने के साथ-साथ गिरफ्तार किया जाएगा। अदालत में छह हजार रुपये का चालान भी होगा। अदालत जाने की जगह वह खुद ही चालान कर देगा। देवेंद्र के पास पानी के बिल के 5200 रुपये थे। बदमाश ने रुपये के अलावा उनकी सोने की चेन व अंगूठी ली और घर से 800 रुपये लेकर आने की बात कही। देवेंद्र 800 रुपये लेकर आए तो बदमाश गायब था। इस पर उन्होंने 100 नंबर पर पुलिस को शिकायत की।
7- सैक्सुअल हरासमेंट मामले में नया बखेड़ा
पश्चिम बंगाल स्थित जादवपुर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों ने जेएनयू छात्रसंघ के साथ बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल भवन स्थित कमिश्नर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
उन्होंने जादवपुर यूनिवर्सिटी में पिछले दिनों सैक्सुअल हरासमेंट मामले का विरोध करते छात्र-छात्राओं पर पुलिस के लाठीचार्ज पर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मामले में पीड़ित महिला को न्याय दिलाया जाए। साथ ही पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जाए।
जेएनयू की छात्रा और आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुचेता डे ने बताया कि सैक्सुअल हरासमेंट मामले में कार्रवाई की बजाय कुलपति मामलों को दबाने में लगे थे। जब विश्वविद्यालय के छात्रों ने महिला को न्याय दिलाने के लिए कैंपस में प्रदर्शन किया तो कुलपति के कहने पर पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया और छात्राओं से भी अभद्र व्यवहार किया।
8- बनाते थे एटीएम लूट की योजना, गिरफ्तार
दिल्ली के निहाल विहार में एटीएम में लूट की योजना बना रहे छह बदमाशों को पुलिस ने सोमवार को डीडीए पार्क से गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान अलवर के रहने वाले सन्नी मलिक, सन्नी उर्फ लू्ल्ला, पवन, अमित, गौरव गुप्ता और अमर सिंह के रूप में हुई।
इन पर राजस्थान में आपराधिक मामले दर्ज हैं। पूछताछ में पता चला कि आरोपी तीन दिन पहले अलवर से निहाल विहार आए थे और रिश्तेदार के यहां ठहरे थे।
पश्चिम जिला के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त रणवीर सिंह ने बताया कि तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से कट्टा, कारतूस, रड, हथौड़ा और पेचकस मिला।
आरोपी सन्नी मलिक अलवर के शिवाजी पार्क थाने का घोषित बदमाश है, वहीं लू्ल्ला और पवन कोतवाली थाने का घोषित बदमाश है। निहाल विहार थाना पुलिस ने बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर इनकी गिरफ्तारी की सूचना राजस्थान पुलिस को दे दी है।
9- हत्या के मामले में युवक को उम्रकैद
दिल्ली के तीस हजारी अदालत ने मुकेश नाम के शख्स की हत्या के मामले में पश्चिम दिल्ली निवासी करण को उम्रकैद की सजा सुनाई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सविता राव ने उसे हत्या व दंगा भड़काने संबंधी धाराओं में दोषी ठहराया। दोषी युवक ने 2007 में पांच अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। अदालत ने करण पर 5000 रुपये जुर्माना भी लगाया।
अभियोजन के मुताबिक अजय मल्होत्रा ने मुकेश व उसके दोस्त रजनीश और संजीव को करीब 2200 रुपये पर समाचार चैनल के इवेंट के काम पर लगाया था। काम पूरा होने के बाद अजय ने मेहनताना नहीं दिया। तीनों ने उससे कई बार रुपये मांगे। आरोप था कि अजय ने तीनों को 18 मार्च 2007 को रुपये लेने शादीपुर बुलाया।
इसके बाद करण व अन्य साथियों के साथ मिलकर उसने मुकेश को बुरी तरह मारापीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि चश्मदीद गवाह रजनीश के बयान और चाकू लगने से मुकेश की मौत से यह साफ है कि हत्या की मंशा से ही उस पर हमला किया गया था।
10- फर्जी ड्राइवरों के हाथ में राजधानीवासियों की जान
डीटीसी की लापरवाही से राजधानी में बस यात्रियों व आम लोगों के जीवन से खिलवाड़ होता रहा। फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस धारक सैकड़ों चालकों के अलावा भारी तादाद में ऐसे ड्राइवर भी लंबे समय तक डीटीसी बसें चलाते रहे जो आंखों की बीमारी के कारण बस चलाने के लिए योग्य नहीं थे। बुधवार को हाईकोर्ट में डीटीसी द्वारा पेश शपथ पत्र के बाद ऐसे चालकों को फिट करार देने वाले गुरु नानक आई अस्पताल के डाक्टर भी संदेह के दायरे में आ गए हैं।
हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका के बाद सुनवाई में यह तथ्य सामने आए हैं। डीटीसी के अनुसार डीएसएसएसबी द्वारा चयनित चालकों की मेडिकल जांच डीटीसी चिकित्सा बोर्ड खुद करता है। अनफिट पाए जाने पर उसकी दोबारा जांच गुरु नानक आई अस्पताल से कराई जाती है। वहां से फिट करार दिए जाने के बाद ड्राइवर को नौकरी पर रख लिया जाता है।
डीटीसी ने माना कि 23 मई 2011 को चालक विनोद कुमार से हुई दुर्घटना के बाद अनफिट चालकों द्वारा बसें चलाने का मामला सामने आया था। विनोद को डीटीसी बोर्ड ने अनफिट घोषित कर दिया हालांकि गुरुनानक अस्पताल ने उसे फिट करार दिया था। दुर्घटना के बाद डीटीसी बोर्ड ने उसका मेडिकल किया तो वह दोबारा अनफिट पाया गया।
इस घटना के बाद डीटीसी बोर्ड द्वारा अनफिट किए जाने के बाद उक्त अस्पताल द्वारा फिट किए गए 419 चालकों की स्वतंत्र मेडीकल बोर्ड से दोबारा मेडिकल जांच कराने का फैसला लिया गया। मई, 2013 में डीडीयू और जीटीबी अस्पताल में मेडिकल बोर्ड के समक्ष सभी चालकों की आंखों की जांच के दौरान 125 ड्राइवर अनफिट करार दिए गए। डीटीसी ने उन्हें चालक की डयूटी से हटा दिया व सभी को नोटिस जारी कर दिया। मामला पहले कैट में पहुंचा और अब हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
डीटीसी के मुताबिक वर्ष 2007 से अब तक फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस धारक 133 स्थायी चालक व 94 अनुबंध के आधार पर भर्ती चालकों को बर्खास्त किया गया है। इसके अलावा 12 स्थायी और अनुबंध के आधार पर रखे गए नौ चालकों का मामला विचाराधीन है।