फर्जी बैंक अधिकारी बन साइबर अपराधियों ने दो लोगों के खाते से 1.12 लाख रुपये निकाल लिए। एक मामले में फर्जी बैंक अधिकारी ने बोनस खाते में ट्रांसफर करने के बहाने खाते का ब्योरा ले लिया। दूसरे मामले में आधार लिंक कराने के बहाने खाते की गोपनीय जानकारी ले ली। दोनों मामलों में पीड़ितों की शिकायत पर साइबर क्राइम सेल जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, बोनस खाते में ट्रांसफर करने के बहाने 72 हजार रुपये की धोखाधड़ी सेक्टर-56 निवासी इंटीरियर कारोबारी राजेश तिवारी के साथ हुई। पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने बताया है कि बुधवार को उनके पास एक फर्जी बैंक अधिकारी का फोन आया। उसने बताया कि उनका बैंक ट्रांजक्शन अच्छा होने से उन्हें पांच हजार रुपये के रिवार्ड प्वाइंट मिले हैं।
ये प्वाइंट बोनस के तौर पर उनके खाते में ट्रांसफर किए जाने हैं या वह इससे खरीदारी भी कर सकते हैं। राजेश ने बोनस खाते में ट्रांसफर करने को कहा। इस पर फर्जी बैंक अधिकारी ने उनसे बैंक और एटीएम कार्ड की गोपनीय जानकारी ले ली। इसके बाद आरोपी ने 15 बार में राजेश तिवारी से उनके मोबाइल पर एसएमएस के जरिये आने वाला ओटीपी पूछकर 72 हजार रुपये का ट्रांजक्शन कर लिया।
बैंक खाते से रकम ट्रांसफर करने की दूसरी घटना दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र वरुण मलिक के साथ हुई। उन्हें भी बुधवार को ही एक फर्जी बैंक अधिकारी ने फोन कर कहा कि उनके बैंक खाते से आधार लिंक नहीं हैं। अगर उन्होंने तुरंत आधार लिंक नहीं कराया तो उनका खाता बंद हो जाएगा और उसमें जमा रकम फंस जाएगी।
इसके बाद आरोपी ने वरुण से उसके बैंक खाते की गोपनीय जानकारी ली और फिर मोबाइल पर आने वाला ओटीपी पूछकर खाते से 40 हजार रुपये का उड़ा लिए।