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शिकंजा: 22 किलो व्हेल एंबरग्रिस के साथ ऐसे पकड़े गए तीन तस्कर, 35 लाख रुपये प्रतिकिलो तक है इसकी कीमत

Sat, 23 Apr 2022 08:20 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने एंबरग्रिस की तस्करी के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन्हें पकड़ने के लिए खुद ग्राहक बनकर डील की और 22 किलो एंबरग्रिस बरामद किया।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
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विस्तार
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शायद आपको सुनकर हैरानी होगी लेकिन सच है कि व्हेल मछली की उल्टी करोड़ों रुपये में बिकती है। इसे एंबरग्रिस कहा जाता है। इसका इस्तेमाल आमतौर पर इत्र बनाने में किया जाता है। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने एंबरग्रिस की तस्करी के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
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पुलिस ने इन्हें पकड़ने के लिए खुद ग्राहक बनकर डील की और 22 किलो एंबरग्रिस बरामद किया। बाजार में 35 लाख रुपये प्रतिकिलो तक इसकी कीमत है। दिल्ली पुलिस के डीसीपी रोहित मीणा ने तस्करों की पहचान गौतम कुमार, राजेश जोशी और रोहित सागर के रुप में की। 

उन्होंने बताया कि बीते बृहस्पतिवार को उनकी टीम सूचना के आधार पर लाजपत नगर स्थित एक होटल पहुंची। हालांकि इससे पहले ही पुलिस को सूचना मिली थी कि तस्करों को बड़े ग्राहक की तलाश है इसलिए पुलिस टीम में से कुछ लोग ग्राहक बनकर होटल पहुंचे और तस्करों से मिलने सीधे उनके कमरे तक पहुंचे। टीम के बाकी लोगों ने होटल के आसपास पोजिशन ले ली थी। 
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कमरे में पहुंचे पुलिस जवानों का गौतम से पहले संपर्क था। फिर वहां राजेश भी पहुंचा और दोनों ने बड़ी होशियारी से पुलिस को सैंपल भी दिया। इस बीच पता चला कि तीसरा तस्कर रोहित और बड़ी मात्रा में एम्बरग्रिस लेकर आने वाला है। कमरे में आपसी चर्चा के साथ पुलिस रोहित का इंतजार करती रही। इसी बीच रोहित एक बैग के साथ जैसे ही कमरे में पहुंचा दोनों पुलिस जवान हरकत में आए और पीछे से टीम के दूसरे सदस्यों ने बैकअप दिया, जिससे तीनों तस्कर पकड़े गए।
 
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हड्डियों के दर्द को लेकर बनने वाले तेल, दर्द निवारक दवाओं और परफ्यूम में किया जाता है इस्तेमाल

व्हेल मछली कई ऐसे जीवों को भी खाती है जिसे पचा नहीं पाती और समुद्र किनारे आकर उल्टी कर देती है। यह लंबे समय तक पानी और धूप में पड़ी रहती है और पत्थर बन जाती है। इसका इस्तेमाल परफ्यूम में इसलिए होता है क्योंकि यह उसकी गंध को लंबे समय तक बरकरार रखता है। हड्डियों के दर्द को लेकर बनने वाले तेल व दर्द निवारक दवाओं में भी इसका इस्तेमाल होता है।
 
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