फरीदाबाद के राजा नाहर सिंह स्टेडियम के अस्तित्व की लड़ाई लड़ने के लिए प्रदेश के सभी पूर्व क्रिकेटर एक बार फिर एकजुट हो गए हैं।
इन लोगों ने सभी राजनीतिक दलों से चुनावी घोषणा पत्र में इस मुद्दे को शामिल करने की मांग की है। पूर्व खिलाड़ियों ने सभी पार्टियों के प्रतिनिधियों को चेताया है कि जो इस मुद्दे की अनदेखी करेंगे उसका चुनाव में पूर्ण रूप से बहिष्कार किया जाएगा।
पूर्व रणजी खिलाड़ी संजय भाटिया ने बताया कि पिछले वर्ष छह अगस्त को भी नाहर सिंह स्टेडियम को लेकर करीब 50 से अधिक रणजी खिलाड़ी व क्रिकेट प्रेमी स्टेडियम परिसर में ही धरने पर बैठे थे। स्टेडियम को दोबारा से मान्यता दिलवाने के लिए कई राजनीतिक दलों को भी मांग पत्र सौपा गया था।
नेताओं ने इस मुद्दे को विधान सभा व लोक सभा में उठाने का वादा किया था। लेकिन सभी दल के नेताओं ने स्टेडियम को लेकर उनके साथ वादाखिलाफी की है। भाटिया का कहना है कि अगले सप्ताह स्टेडियम को लेकर प्रदेश के सभी रणजी खिलाड़ियों की एक बैठक बुलाई गई है, जिसमें क्रिकेटरों के अलावा क्रिकेट प्रेमी भी मौजूद होगे। उस बैठक में स्टेडियम को लेकर नई रणनीति बनाई जाएगी।
पूर्व रणजी क्रिकेटर कपिल अरोड़ा ने बताया कि जिले में अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम होने के बावजूद यहां पर राज्य स्तर का मैच भी आयोजित नहीं कराया जाता, जिससे स्टेडियम की हालत खस्ता होती जा रही है। ऐसे में स्टेडियम के अस्तित्व पर ही संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार व हरियाणा क्रिकेट बोर्ड के बीच चल रही राजनीति का नुकसान क्रिकेटर व यहां के क्रिकेट प्रेमी को उठाना पड़ रहा है। सभी दल के नेताओं से मांग की जाएगी कि अपने घोषणापत्र में स्टेडियम के मुद्दे को शामिल किया जाए। तभी क्रिकेटरों व क्रिकेट प्रेमी द्वारा उन्हे समर्थन दिया जाएगा। पूर्व क्रिकेटर राजेश पुरी ने बताया कि अगर स्टेडियम में राज्य व राष्ट्रीय स्तर के मैच आयोजित होने लगेंगे तो जिले के क्रिकेटरों को खेलने के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पडे़गी।