प्रदेश में कानपुर के बाद दूसरा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में ही बनेगा। जीडीए के जमीन लेने के प्रस्ताव पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने न केवल हामी भर दी है, बल्कि इसके लिए 40 करोड़ रुपये भी जीडीए को भेज दिए हैं।
अगले सप्ताह बीसीसीआई के अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल गाजियाबाद आने वाला है। बीसीसीआई अधिकारी जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करेेंगे। जीडीए ने जमीन देने वालों किसानों से भी जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं।
शहर में स्टेडियम बनाने के लिए बीसीसीआई ने जीडीए से जमीन मांगी थी। जीडीए ने भी बीसीसीआई के प्रस्ताव को हाथोंहाथ लेते हुए जमीन देने पर सहमति जताई थी। नूर नगर में स्टेडियम के लिए करीब 35 एकड़ जमीन चिन्हित भी कर ली।
इसमें 15 एकड़ जमीन एलएमसी की है। 20 एकड़ जमीन किसानों से सीधे खरीदने का प्रस्ताव जीडीए ने बीसीसीआई को भेजा था। हालांकि बीच में स्टेडियम निर्माण को लेकर संशय की स्थिति बनी थी।
बीसीसीआई द्वारा जमीन का पैसा भेजे जाने पर सारी अटकलों पर विराम लग गया है। जीडीए ओएसडी डीपी सिंह और तहसीलदार अनिल कुमार को जीडीए ने नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया है। स्टेडियम की जमीन की कुल लागत करीब 70 से 80 करोड़ आंकी जा रही है।
जीडीए उपाध्यक्ष संतोष यादव ने बताया कि बीसीसीआई ने क्रिकेट स्टेडियम की चिन्हित जमीन खरीदने के लिए पैसा भेज दिया है। स्टेडियम निर्माण में जीडीए फैसीटिलेटर की भूमिका निभाएगा। किसानों को भुगतान कर जमीन सीधे बीसीसीआई के नाम हस्तांतरित की जाएगी।
डी-सर्किल के पास बनेगा स्टेडियम
राजनगर एक्सटेंशन रोड के डी प्वाइंट पर स्टेडियम के लिए जगह निर्धारित की गई है। यहां पर जीडीए का सीवर ट्रीटमेंट प्लांट भी निर्माणाधीन है।
दुनिया भर में होगा गाजियाबाद का नाम
स्टेडियम बनने से शहर का नाम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चमकेगा। प्रदेश का यह दूसरा स्टेडियम कानपुर के ग्रीन पार्क से भी बड़ा होगा।