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जहरीले एंटीमनी युक्त चीनी सोलर पर तीन हफ्ते में बनाएं नीति: एनजीटी 

Fri, 01 Mar 2019 06:44 AM IST
दुष्यंत शर्मा विवेक मिश्रा 
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NGT
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने भारत में इस्तेमाल हो रहे जहरीले एंटीमनी युक्त सोलर ग्लास पैनल के इस्तेमाल को नियंत्रित करने के लिए तीन हफ्तों में नीति तैयार करने का आदेश दिया है। 

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पीठ ने कहा कि व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय नवीन नवकीरणीय ऊर्जा मंत्रालय जल्द से जल्द ऐसे खतरनाक सोलर पैनल के नियंत्रण को लेकर ब्लू प्रिंट तैयार करें। वहीं, इस ब्लू प्रिंट के मिलते ही केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय इसके निस्तारण को लेकर नीति और आदेश जारी करे। 

जस्टिस आरएस राठौर की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश दिया है। पीठ ने इस आदेश के साथ याची निहारिका की ओर से दाखिल याचिका का निस्तारण कर दिया। पीठ ने कहा कि 27 फरवरी को दाखिल की गई रिपोर्ट के मुताबिक चीनी सोलर पैनल के इस्तेमाल, आयात, बिक्री को नियंत्रित करने को लेकर ब्लू-प्रिंट बनाया जा रहा है। 
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जरूरत है कि इस पर तेजी से काम किया जाए। वहीं, एंटीमनी युक्त सोलर पैनल के निस्तारण की समुचित नीति और आदेश को जारी किया जाए। अहम है कि चीनी सोलर ग्लास पर एंटीमनी युक्त हैवी मेटल का इस्तेमाल किया जाता है। एंटीमनी का इस्तेमाल विस्फोटक में भी किया जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों पर रोक लगाने के दौरान इसका इस्तेमाल बंद करने को कहा था। 

वहीं, इसके निस्तारण की न कोई व्यवस्था है और न ही कोई नीति है। सस्ता होने के कारण भारतीय बाजार में इसकी काफी मांग है। ऐसे में याची ने कहा था कि सोलर बड़े पैमाने पर आयात किया जाता है। 

2017 में छह गीगावाट के लिए 14 करोड़ से अधिक सोलर पैनल आयात किए गए थे। वहीं, 2022 तक एक लाख मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।  ऐसे में बड़े स्तर पर सोलर पैनल का आयात किया जा सकता है। 

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