सीमापुरी हादसा
कीमती सामान की तलाश में जुटे पीड़ित, लोगों के विरोध के बाद ईदगाह परिसर से मलबा हटाने की प्रक्रिया ठप
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी क्षेत्र में हुए भयावह इमारत हादसे के बाद से इलाके में तनाव और प्रशासनिक अफरा-तफरी का माहौल है। हादसे की भयावहता को देखते हुए नगर निगम और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा मानकों के तहत क्षेत्र में व्यापक कार्रवाई शुरू की है। जांच में पाया कि जिस इमारत का हिस्सा ढहा था, उससे सटे हुए लगभग तीन से चार मकानों की संरचनात्मक स्थिति बेहद जर्जर हो चुकी थी। दीवारें चटकने और गहरे छेद होने के कारण इन मकानों के भी कभी भी गिरने का गंभीर जोखिम पैदा हो गया था। आगे किसी अन्य अप्रिय घटना या जनहानि की आशंका को शून्य करने के इरादे से प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए इन सभी प्रभावित मकानों को पूरी तरह से ध्वस्त कराने का निर्णय लिया।
दूसरी ओर हादसे के बाद ईदगाह परिसर में एकत्र किए गए मलबे को हटाने की प्रक्रिया को लेकर स्थानीय निवासियों और पीड़ित परिवारों में असंतोष है। बेघर और प्रभावित हुए परिवारों ने कहा कि वे इस भीषण त्रासदी के सदमे से उबर भी नहीं पाए हैं कि अब उन्हें अपने घरेलू व कीमती सामान के खो जाने की चिंता सता रही है। पीड़ितों का दावा है कि उनके जीवनभर की कमाई, महत्वपूर्ण दस्तावेज, आभूषण और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं अभी भी मलबे के नीचे दबी हुई हैं।
निवासियों के विरोध और मांग को स्वीकार करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने फिलहाल ईदगाह परिसर से मलबा हटाने के काम पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित परिवारों को मलबे में से अपना निजी और बचा हुआ सामान खुद तलाशने का पूरा अवसर दिया जाएगा। सामान सुरक्षित निकाले जाने के बाद ही मलबा हटाने का काम दोबारा शुरू कराया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती के साथ निगरानी बढ़ा दी गई है।