धोबीघाट आरओबी निर्माण के लिए रेलवे कालोनियों में बने अंग्रेजों के जमाने के 150 मकानों को तोड़ा जाएगा। आरओबी पर जीडीए के साथ सहमति बनने के बाद रेलवे ने इन मकानों को तोड़ने का सिलसिला शुरू कर दिया है।
हालांकि इनमें से ज्यादातर मकान बेहद जर्जर हैं और डेंजर जोन में पहुंच चुके हैं। इन मकानों को तोड़ने के बाद रेलवे नए मकान बनाएगा।
आरओबी के डिजाइन के मुताबिक आर्य नगर रेलवे कालोनी में 25 और भूड़ भारत नगर में करीब 125 मकान इसके रास्ते में आ रहे हैं। रेलवे के उच्चाधिकारी भी इन मकानों का निरीक्षण कर चुके हैं।
अब इन पर काम शुरू किया जाना है। रेलवे इन्हें तोड़कर टाइप टू और टाइप-थ्री ग्रेड के मकान बनाएगा। बता दें कि रेलवे ने पहले इन मकानों के निर्माण की लागत भी आरओबी की लागत में जोड़कर जीडीए को करीब 128 करोड़ एस्टीमेट भेज दिया था।
लेकिन जीडीए की आपत्ति के बाद मकानों की रकम को आरओबी के एस्टीमेट से अलग किया गया है। अब करीब 90 करोड़ रुपये आरओबी पर खर्च होंगे। जीडीए और रेलवे 50-50 फीसदी हिस्सेदारी देकर इसका निर्माण करेगा। मकानों का निर्माण रेलवे अपने स्तर पर करेगा।