दिल्ली हाई कोर्ट ने दिए निर्देश, आज अगली सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने सीपीडब्ल्यूडी को डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में अग्नि सुरक्षा से जुड़ी कमी को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है। मामला फायर टॉवर लिफ्ट को छत के स्तर तक पहुंचाने से संबंधित है।
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ सोशल जूरिस्ट की याचिका पर सुनवाई कर रही है। इससे पहले दिल्ली फायर सर्विस ने कोर्ट में दाखिल स्थिति रिपोर्ट में अस्पताल में अग्नि सुरक्षा से जुड़ी तीन कमियां बताई थीं। इनमें फायर टॉवर लिफ्ट का छत के स्तर तक नहीं पहुंचना भी शामिल था।
रिपोर्ट में कहा गया था कि लिफ्ट को छत के स्तर तक बढ़ाने की जरूरत पड़ने पर इसे स्थापित करने और चालू करने में करीब छह महीने लग सकते हैं। इसके बाद फायर विभाग ने सीपीडब्ल्यूडी के अनुरोध पर इस कमी पर दोबारा विचार किया। 12 सितंबर की फाइल नोटिंग के अनुसार, फायर विभाग ने कुछ शर्तों के साथ इस कमी पर पुनर्विचार करने पर सहमति जताई।
शर्तों के तहत कहा गया कि छत का इस्तेमाल किसी सार्वजनिक गतिविधि के लिए नहीं किया जाएगा और फायर टॉवर लिफ्ट तथा रैंप तक पहुंच में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए। सीपीडब्ल्यूडी को जरूरत के अनुसार फॉल्स टेरेस या कैंटिलीवर बालकनी बनाने और अन्य जरूरी निर्माण कार्य करने पर भी विचार करना होगा।
हाई कोर्ट ने आरएमएल अस्पताल को अगली सुनवाई पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी।