प्रत्येक स्टेशन पर ओजोन का 1-घंटे की अधिकता 5 फीसदी से अधिक
सीपीसीबी ने रिपोर्ट में कहा है कि वर्ष 2023 के दौरान 178 निगरानी स्टेशनों पर ओजोन की निगरानी की गई। इनमें सामने आए आंकड़ों से पता चला कि दिल्ली-एनसीआर और मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में प्रत्येक एक स्टेशन पर ओजोन का 1-घंटे की अधिकता 5 फीसदी से अधिक मिली। साथ ही, दिल्ली-एनसीआर (15), एमएमआर (10), जयपुर (5) और पुणे (2) में 32 निगरानी स्टेशनों पर ओजोन का 8-घंटे का अतिक्रमण 5 फीसदी से अधिक दर्ज किया गया। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 की गर्मियों के दौरान कुल 178 निगरानी स्टेशनों में से दिल्ली-एनसीआर के 8 स्टेशनों और चेन्नई के 1 स्टेशन में ओजोन की 1 घंटे की अधिकता का 5 फीसदी से अधिक देखने को मिला। यही नहीं वर्ष 2023 के दौरान रात के 10 से सुबह 06 बजे तक ओजोन सांद्रता का अध्ययन किया। इसमें सामने आया कि दिल्ली-एनसीआर और एमएमआर में केवल एक-एक स्थान पर 1 घंटे के मानक से 5 फीसदी से अधिक वृद्धि दर्ज की गई।
आठ स्टेशनों में ओजोन का स्तर 5 फीसदी से रहा अधिक
राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक (एनएएक्यूएस) के अनुसार ओजोन का 1-घंटे की अधिकता 2024 की गर्मियों में दिल्ली-एनसीआर में 57 स्टेशन पर निगरानी हुई। इनमें शून्य से अधिक ओजोन वाले निगरानी स्टेशनों की संख्या आठ रही। यही नहीं इसमें आठ निगरानी स्टेशन ऐसे रहे जहां ओजोन के स्तर में 5 फीसदी से अधिक वृद्धि दर्ज की गई। इन स्टेशन की संख्या 2023 में तीन रही। तब शून्य से अधिक ओजोन वाले निगरानी स्टेशनों की संख्या 19 मिली। इसके अलावा 2023 में 8 घंटे में ओजोन का स्तर मापा गया। इनमें 57 में से शून्य से अधिक ओजोन वाले निगरानी स्टेशन सात रहे।
वहीं, 15 स्टेशन में ओजोन के स्तर में 5 फीसदी से अधिक वृद्धि देखने को मिली।
ऐसे बनती है ओजोन
ओजोन एक द्वितीयक प्रदूषक है जो वायुमंडल में नाइट्रोजन ऑक्साइड (एनओ2) और वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों वीओसी के बीच जटिल रासायनिक प्रतिक्रिया से बनता है। यह सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में मानवजनित और जैविक स्रोतों से उत्सर्जित होते हैं। आवासीय और कृषि स्रोतों से उत्सर्जित कार्बन मोनोऑक्साइड (सीओ) और मीथेन (सीएच 4) भी ओजोन निर्माण में भूमिका निभाते हैं।
ओजोन परत के प्रमुख स्रोत एनओ2 और वीओसी है।
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