भारतीय जनता पार्टी के एक दिग्गज नेता ने जनता दल यूनाइटेड के एक पूर्व नेता का संबंध इंडियन मुजाहिदीन के सह संस्थापक यासीन भटकल से होने का आरोप लगाया था।
इसके बाद जेडीयू के पूर्व नेता ने मामले में बीजेपी नेता के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया था। अब कोर्ट ने बीजेपी के नेता को आरोपी मानते हुए नेता के खिलाफ समन जारी कर दिया है।
अदालत ने बीजेपी नेता को कोर्ट में 9 जुलाई को पेश होने का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि बीजेपी नेता ने ये बयान तब दिया था जब जेडीयू के पूर्व नेता बीजेपी में शामिल हुए है। इस बयान के बाद उन्हें बीजेपी से बाहर कर दिया गया था।
'छवि बिगाड़ने के लिए किया था ट्वीट'
वोट डालने के बाद सेल्फी खींचने से घिरे बीजेपी पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी अभी मामले से उबरे नहीं थे कि बीजेपी उपाध्यक्ष और राज्यसभा के सांसद मुख्तार अब्बास नकवी के खिलाफ समन जारी हो गया है।
पटियाला हाउस स्थित मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट आकाश जैन ने अपने फैसले में कहा कि याची साबिर अली की ओर से पेश साक्ष्यों व दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद वे महसूस करते हैं कि नकवी ने ट्वीट के जरिए शिकायतकर्ता के खिलाफ सोशल नेटवर्किंग साइट पर आरोप लगाए ताकि उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके।
उन्होंने कहा कि साबिर अली द्वारा पेश दस्तावेजों व साक्ष्यों से स्पष्ट है कि नकवी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा चलाने के लिए प्रथम दृष्टया पर्याप्त साक्ष्य हैं।
ये है पूरा मामला
साबिर अली के अनुसार लोकसभा चुनावों के दौरान उन्होंने बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेंद्र मोदी की तारीफ की थी और इसी कारण उन्हें जेडीयू से निकाल दिया गया। इस घटना के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने उन्हें बीजेपी में शामिल किया।
बीजेपी में शामिल होने के तीन चार घंटे के बाद ही उनके रिश्तेदारों और दोस्तों ने बताया कि भाजपा नेता नकवी ने उनके खिलाफ ट्वीट किया है। उन्होंने कहा कि 28 मार्च 14 को समाचार पत्रों में छपा कि ‘आतंकी भटकल का दोस्त भाजपा में शामिल, अब दाऊद भी स्वीकार’।
नकवी के बयान से शुरू हुए विवाद के बाद 29 मार्च को भाजपा ने उनकी सदस्यता रद्द कर दी। उन्होंने कहा इस पूरे घटनाक्रम से उनको गहरा आघात लगा व पूरे समाज में उनकी प्रतिष्ठा नष्ट हुई। उन्होंने कहा नकवी लगाए गए आरोप साबित नहीं कर पाए। ऐसे में उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा चलाया जाए।