प्रदेश में आउट ऑफ टर्न प्रमोशन से बने इंस्पेक्टरों के डीएसपी पद पर होने वाले प्रमोशन पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने रोक लगा दी है। प्रमोेशन के लिए पुलिस बोर्ड की 8 जून को बैठक होने वाली थी। उससे पूर्व नोएडा डीसीआरबी प्रभारी कमल सिंह यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने रोक लगा दी है।
प्रमोशन पर विवाद आउट ऑफ टर्न इंस्पेक्टरों के डीएसपी बनने पर है। कार्यकाल के आधार पर प्रमोट हुए इंस्पेक्टरों का कहना है कि वर्तमान प्रमोशन नीति से आउट ऑफ टर्न इंस्पेक्टरों को फायदा मिल रहा था, जो नियमानुसार गलत है। याचिका में मांग की गई है कि आउट ऑफ टर्न इंस्पेक्टरों का प्रमोशन वर्ष उस समय न माना जाए, जबसे वे इंस्पेक्टर बने।
उनके प्रमोशन का वर्ष तब से माना जाए, जबसे वे कार्यकाल के आधार पर प्रमोट हुए हैं। ऐसे में 24 अगस्त 2002 से पूर्व आउॅट ऑफ टर्न प्रमोशन पाकर सब इंस्पेक्टर से इंस्पेक्टर बनने वाले 54 इंस्पेक्टरों के डीएसपी बनने पर रोक लगा दी गई है। यह 54 इंस्पेक्टर नोएडा समेत प्रदेश के कई जिलों में तैनात हैं।