अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर अगवा कर दस साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने का आरोप था। दोषी ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर 2015 में लड़की को उस समय अगवा कर लिया था जब वह खेलने के लिए अपनी सहेली के घर गई थी। नाबालिग को पास एक कमरे में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया था।
रोहिणी जिला अदालत की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सीमा मैनी ने राम सिंह (29) को अपहरण, दुष्कर्म और पोक्सो की धाराओं में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने पीड़िता को पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण को दिया है।
'दुष्कर्म पीड़िता से आज भी अछूत जैसा व्यवहार'
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि दुष्कर्म पीड़िता के साथ आज भी अछूत जैसा ही बर्ताव होता है और उनसे हर कोई एक दूरी बनाकर रखता है। पीड़िता की जिंदगी पर हमेशा के लिए इस अपराध का साया रहता है। दुष्कर्म ऐसे निशान छोड़ देता है जो पीड़िता के पूरे व्यक्तित्व को तबाह कर देता है। यह सिर्फ एक अपराधी की वासना के कारण होता है। ऐसे अपराधी किसी संवदेना या नरमी के हकदार नहीं होते हैं।