रोहिणी कोर्ट ने 2017 में हुई एक हत्या के मामले में दो लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। फैसला सुनाते समय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वंदना ने अपराध की गंभीर प्रकृति को रेखांकित किया है, जिसमें पीड़ित का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई थी। नवरतन उर्फ काले और नौशाद को पिछले साल नवंबर में हत्या, अपहरण और सबूत मिटाने के आरोप में दोषी ठहराया गया था।
अतिरिक्त सरकारी वकील ने कहा कि दोषियों को इस नृशंस हत्या के लिए किसी भी तरह की रियायत नहीं मिलनी चाहिए। अपने आदेश में अदालत ने कहा कि अपराध की प्रकृति अत्यंत गंभीर है। ओम हरे का दोषियों ने पूर्व नियोजित योजना के तहत अपहरण किया और फिर उनकी निर्मम हत्या कर दी। दोनों दोषियों ने उनके शव को ठिकाने लगा दिया। अदालत ने कहा कि कानून का उद्देश्य समाज की सुरक्षा और आपराधिक प्रवृत्ति को समाप्त करना है, जिसे अपराध की प्रकृति और उसके किए जाने के तरीके पर विचार करने के बाद उचित सजा देकर प्राप्त किया जा सकता है।
जबरन शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी की जमानत याचिका खारिज
तीस हजारी कोर्ट ने पीड़िता से जबरन शारीरिक संबंध बनाने और वीडियो लीक करने की धमकी के मामले में नीरज असीजा की जमानत याचिका खारिज कर दी। आरोपी के खिलाफ मामला आईपी एस्टेट थाने में दर्ज हुआ था। 28 जून, 2025 से आरोपी न्यायिक हिरासत में है। उसने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह एक निजी कंपनी में डिप्टी मैनेजर के पद पर कार्यरत है और साइबर क्राइम का शिकार हुआ है। उसका दावा है कि उसने बेंगलुरु में एक शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके बाद उसे धमकियां मिलने लगीं और फिर उसे झूठे मामले में फंसाया गया।