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ऐसे संगीन अपराध से पीड़िता और पूरे समाज के विवेक को सदमा लगता है: कोर्ट

Sun, 03 Dec 2017 09:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद, साथी को 10 साल की कैद 
सड़कों पर संगीन अपराधिक घटनाएं महिलाओं की आजादी का हनन-अदालत
- नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद, साथी को 10 साल की कैद 
-10 लाख का मुआवजा देने का भी अदालत ने दिया निर्देश
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विस्तार
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सड़कों पर महिलाओं और बच्चियों के साथ हो रही अपराध की संगीन घटनाएं उन्हें असुरक्षित बना रही हैं और उनकी आजादी के अधिकारों का हनन कर रही हैं। एक मासूम बच्ची के अपहरण और दुष्कर्म से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने यह टिप्पणी की।
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अदालत ने 13 साल की बच्ची के अपहरण और दुष्कर्म के एक दोषी को उम्रकैद और दूसरे को 10 साल की कैद की सजा सुनाई है। कड़कड़डूमा अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गुरदीप सिंह ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि नाबालिगों के साथ दुष्कर्म जैसी घटनाओं को अंजाम देने वाले अपराधी रहम के हकदार नहीं हैं।

ऐसी घटनाओं से दिल्ली की सड़कों पर महिलाओं और बच्चियां असुरक्षित हैं, जिसकी वजह से वह अपने घरों से अकेले बाहर भी नहीं निकल सकती। इन घटनाओं के कारण उनके आजादी के मौलिक अधिकार का भी हनन हो रहा है।
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ऐसे संगीन अपराध पीड़ितों के पूरे जीवन को प्रभावित करते हैं, जिसकी वजह से पूरे समाज के विवेक को सदमा लगता है। पीड़ित पक्ष के मुताबिक 9 फरवरी 2012 को 13 वर्षीय मासूम बच्ची अपने घर में पास खेल रही थी।
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- फोटो : डेमो फोटो
उसी दौरान कार में आए दो युवकों ने उसे कार से अगवा कर लिया था और फिर एक कमरे में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। इस बाबत पीड़ित बच्ची की मां की शिकातय पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। दोनों आरोपियों ने उत्तर-पूर्वी जिले में इस वारदात को अंजाम दिया था।

वहीं दिल्ली महिला आयोग की ओर से पीड़िता की वकील शबनम खान ने कहा कि पीड़िता अभी नाबालिग है और उसके बेहतर भविष्य के लिए एसे दिल्ली पीड़ित मुआवजा स्कीम 2015 के तहत मुआवजा दिया जाए।

मामले की गंभीरता से लेते हुए अदालत ने एक दोषी को उम्रकैद और उसके साथी को 10 साल की कैद की सजा सुनाई। साथ अदालत ने पीड़िता के पुर्वनास के लिए 10 लाख रुपए मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है।
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