दिल्ली की एक अदालत ने 22 वर्षीय युवकी से विवाह के झांसे के नाम पर रेप करने के मामले पर संदेह जताया है। अदालत ने कहा कि उसकी इतनी कम आयु नहीं है कि उसे मीठी बातें कर बहकाया जा सके। अदालत ने मामले में आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया।
द्वारका स्थित न्यायमूर्ति विरेन्द्र भट्ट ने अपने फैसले में कहा कि ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है कि आरोपी ने युवती से विवाह का कोई वायदा किया था और उसे न निभाया हो।
अदालत ने अभियोजन पक्ष के उस तर्क को खारिज कर दिया कि युवती ने पहले मात्र इस कारण पुलिस व किसी अन्य को घटना के बारे में इस कारण नहीं बताया था कि आरोपी उससे विवाह करेगा।