दहेज लोभ के एक मामले में दिल्ली की अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पत्नी को खुश रखना पति की जिम्मेदारी है। इसी के साथ अदालत ने पति, उसके भाई और भाई की पत्नी को दो साल की जेल की सजा फरमान सुनाया।
तीनों आरोपियों को पीड़ित महिला को पांच-पांच हजार रुपये बतौर मुआवजा देने के भी आदेश दिए। सभी आरोपियों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप था। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट एकता गौबा ने इस मामले में पीड़ित महिला के पति और दोनों रिश्तेदारों को मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना का दोषी पाया।
मजिस्ट्रेट एकता ने कहा कि पति की जिम्मेदारी है कि वह पत्नी को खुश रखे लेकिन यहां तो पति ने ही पत्नी को प्रताड़ित किया। पति ने अपनी पत्नी को अपने परिवार के दोनों सदस्यों के साथ मिलकर दहेज के लिए परेशान किया।