एजेंसी का कहना है कि दोनों आरोपी प्रश्नपत्र लीक कराने की साजिश में शामिल थे। गिरफ्तार मनोज शिरुरे पर केमिस्ट्री प्रश्न उपलब्ध कराने का आरोप है। ये प्रश्न नीट के पेपर सेटर पीवी कुलकर्णी से हासिल किए गए थे। इनमें रेनुकाई करियर सेंटर के संस्थापक शिवराज मोटेगांवकर का बेटा भी शामिल था। सीबीआई ने पुणे के फिजिक्स शिक्षक तेजस हर्षदकुमार शाह को भी गिरफ्तार किया है।
शाह को फिजिक्स के लीक प्रश्न मनीषा हवालदार से मिले थे। इन गिरफ्तारियों के बाद कुल 13 लोग पकड़े जा चुके हैं। सीबीआई मामले की साजिश और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी है। एजेंसी ने देशभर में 49 स्थानों पर छापेमारी की है। छापों में अहम दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन और डिजिटल सबूत बरामद हुए हैं।
जांच में सामने आए तथ्य
जांच में मनोज शिरुरे की भूमिका अहम बताई गई है। उसने तीन छात्रों को केमिस्ट्री के प्रश्न उपलब्ध कराए थे। इन प्रश्नों को पेपर सेटर पीवी कुलकर्णी से प्राप्त किया गया था। रेनुकाई करियर सेंटर के संचालक शिवराज मोटेगांवकर को भी पहले गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई अब नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
3 मई को आयोजित नीट यूजी 2026 परीक्षा लीक के आरोपों के बाद विवादों में आई थी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी। अब यह परीक्षा 21 जून को दोबारा आयोजित की जाएगी। इस मामले ने लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। जांच एजेंसियां बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर रही हैं।