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Delhi NCR News: युवक को 36 मामलों में संलिप्त बताने पर कोर्ट से पुलिस को फटकार, मिली जमानत

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अमर उजाला ब्यूरो
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नई दिल्ली। साकेत कोर्ट ने मंगलवार को एक आरोपी अजय राठी को नियमित जमानत दे दी। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने आरोपी को कम से कम 17 ई-एफआईआर समेत 36 आपराधिक मामलों में गलत तरीके से शामिल दिखाया था, जबकि उन मामलों में न तो गिरफ्तारी हुई न ही चार्जशीट दाखिल की गई थी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सोनू अग्निहोत्री ने 7 जुलाई के आदेश में दिल्ली पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि वे आरोपी के गलत आपराधिक रिकॉर्ड को सुधारने के लिए तुरंत कदम उठाएं। अजय राठी पर मैदान गढ़ी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक एफआईआर के सिलसिले में जमानत अर्जी दायर की गई थी। यह एफआईआर आरोपी और उनकी मां के बीच लंबे समय से चल रहे पारिवारिक विवाद से जुड़ी हुई है। आरोपी के वकील ने कोर्ट को बताया कि राठी अपनी पत्नी और अन्य रिश्तेदारों के साथ अपनी मां के घर गए थे। इस दौरान झगड़ा हो गया, जिसके बाद चोरी का आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज कराई गई।
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पुलिस का गलत रिकॉर्ड
कोर्ट ने जांच अधिकारी (आईओ) द्वारा पेश किए गए रिकॉर्ड की जांच की। शुरू में पुलिस ने दावा किया था कि अजय राठी 36 आपराधिक मामलों में शामिल हैं, लेकिन सत्यापन के बाद पता चला कि वह वास्तव में केवल 5 मामलों में शामिल हैं, जिसमें वर्तमान एफआईआर भी शामिल है। न्यायाधीश ने आदेश में लिखा कि आरोपी के इन्वॉल्वमेंट रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि कम से कम 17 ई-एफआईआर (वर्ष 2017, मेहरौली) में आरोपी को गलत तरीके से शामिल दिखाया गया है। बिना गिरफ्तारी के किसी व्यक्ति को एफआईआर में शामिल नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने पाया कि आरोपी के रिकॉर्ड में गड़बड़ी शायद एक एसीपी के साथ विवाद के कारण की गई थी।
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कोर्ट का फैसला

कोर्ट से इस मामले के दो अन्य सह-आरोपियों को पहले ही अग्रिम जमानत और नियमित जमानत मिल चुकी है। सीसीटीवी फुटेज और होटल रिकॉर्ड से साबित हुआ कि वे घटना के दिन मौके पर नहीं थे। इन्वॉल्वमेंट रिपोर्ट से स्पष्ट है कि आरोपी केवल 5 मामलों में शामिल है, जिनमें से तीन पहले ही निपट चुके हैं। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने अजय राठी को नियमित जमानत दे दी।
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