हाईकोर्ट ने मुंबई ट्रेन ब्लास्ट मामले में आरोपी सिद्दीकी को होम्योपैथी से संबंधित पुस्तकें प्रदान करने के लिए मुंबई जेल अथॉरिटी को आदेश देने से इंकार कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह अदालत मुंबई जेल अथारिटी को आदेश नहीं दे सकती। यह उनके अधिकार क्षेत्र का मामला नहीं है।
न्यायमूर्ति मनमोहन ने अपने फैसले में कहा कि मामले में मुंबई ट्रेन ब्लास्ट का आरोपी याची मुंबई जेल में बंद है और उन्हें मुंबई केंद्रीय जेल अथॉरिटी को यह आदेश देने का अधिकार नहीं है कि वे कैदी को किताबें उपलब्ध कराएं।
अदालत ने कहा कि यह एक बहस का मुद्दा है। उन्होंने कहा कि वे राज्य या केंद्रीय काउंसिल ऑफ रिसर्च इन होम्योपैथी (सीसीआरएच) को ऐसा आदेश नहीं दे सकते। अदालत ने कहा कि यदि याची दिल्ली जेल में होता तो वे ऐसा कर सकते थे।