गर्भवती महिला का ब्लड ग्रुप गलत बताने के मामले में कोर्ट ने निजी अस्पताल के निदेशक समेत 5 डाक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। एसीजेएम प्रथम रामकिशोर पांडेय ने कविनगर थाना पुलिस को आदेश दिया है कि सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जाए।
अधिवक्ता संजय त्यागी, प्रभात चौधरी और खालिद खान ने बताया कि एसएम-8 शास्त्रीनगर निवासी साधना पत्नी राहुल ने 22 मार्च 2013 को अपना ब्लड ग्रुप और अन्य मेडिकल जांच हापुड़ चुंगी स्थित हीरालाल अस्पताल से कराई थी। डाक्टरों ने जांच के बाद साधना का ब्लड ग्रुप ‘ए नेगेटिव’ बताया।
इसके लिए साधना ने 280 रुपये का भुगतान किया था। बाद में दिल्ली स्थित आल इंडिया मेडिकल इंस्टीट्यूट, गाजियाबाद स्थित दिल्ली माडर्न पैथोलोजी और कल्याण डाइग्नोस्टिक से पुन: ब्लड ग्रुप की जांच कराई गई तो इन तीनों रिपोर्ट में ‘ए पाजिटिव’ आया।
अधिवक्ताओं ने बताया कि इस मामले की शिकायत साधना ने हीरालाल अस्पताल के प्रबंध निदेशक डा. केसी गर्ग की। इस पर पीड़िता से 450 रुपये दोबारा जांच के नाम पर लिए और अन्य डाक्टरों से मिलीभगत करके बिना ब्लड सैंपल लिए बिना दोबारा से ‘ए पाजिटिव’ ब्लड ग्रुप की रिपोर्ट बनाकर दे दी।
इसकी शिकायत पीड़िता ने कविनगर थाना पुलिस से की, मगर कोई कार्रवाई न होने पर उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम ने कविनगर थाना पुलिस को मामला सुसंगत धाराओं में दर्ज किए जाने और विवेचना करने का आदेश दिया है।