गुरुग्राम में दो साल पहले बजघेड़ा थाना क्षेत्र में नाबालिग बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म के मामले में अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश राज गुप्ता की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पुख्ता सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दे दिया। अदालत ने बुधवार को आरोपी युवक को 10 साल की कैद और 50 हजार का जुर्माना लगाया।
पुलिस के मुताबिक मूलरूप से बिहार निवासी नाबालिग बच्ची बजघेड़ा स्थित अपनी बड़ी बहन के घर आई हुई थी। 30 जून 2017 को पड़ोस से रहने वाला युवक दीपक नाबालिग को बहला फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया।
परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने बच्ची को गुरुग्राम रेलवे स्टेशन से बरामद कर लिया। बच्ची के मेडिकल परीक्षण में दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पोक्सो की धारा भी जोड़ दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था, तभी से मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रहा था।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में जो सबूत और गवाह पेश किए, उनसे आरोपी पर लगे आरोप सिद्ध पाते हुए अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई-
कुमार हरिओम