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जाफराबाद दंगा मामले में सीसीटीवी फुटेज में पहचान न होने के चलते कोर्ट ने दो आरोपियों को दी जमानत

Sat, 07 Nov 2020 08:12 PM IST
Mohit Mudgal अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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जाफराबाद हिंसा (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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कड़कड़डूमा कोर्ट ने उतर पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों को शनिवार को जमानत दे दी। कोर्ट ने आरोपियों की पहचान के लिए उनके खिलाफ कोई सीसीटीवी फुटेज ना होने की स्थिति में जमानत प्रदान की।

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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत दोनों आरोपियों गुलफाम और आतिर को 25 हजार रुपए के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत देने पर राहत प्रदान की। इन दोनों को मौजपुर-जाफराबाद में 24 फरवरी को सीएए के विरोध में हुए दंगे के दौरान पुलिस कर्मियों पर पथराव और रोहित शुक्ला नामक युवक को गोली मारने के आरोपों के तहत गिरफ्तार किया था। इस मामले में दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल पर पिस्तौल तानने वाला आरोपी शाहरुख पठान भी आरोपी है। शाहरुख वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है।

कोर्ट ने आरोपियों को जमानत देते हुए कहा कि दंगे के दौरान गोली लगने से घायल हुए युवक रोहित ने 9 मार्च को अपने बयान में आरोपियों की पहचान नहीं की थी और बाद में एक अप्रैल को उसने उनपर गोली चलाने का आरोप लगाया।
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कोर्ट ने कहा कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कोई सीसीटीवी फुटेज भी नहीं है। ऐसी स्थिति में आरोपियों को न्यायिक हिरासत में रखना न्यायसंगत नहीं है। इसलिए आरोपियों को जमानत दी जाती है। हालांकि जमानत देते हुए कोर्ट ने दोनों आरोपियों को घटना से जुड़े साक्ष्यों को प्रभावित ना करने की शर्त पर जमानत दी है।

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