साकेत कोर्ट ने मंगलवार को तबलीगी जमात मामले में 150 इंडोनेशियाई नागरिकों को जमानत दे दी। इन विदेशी नागरिकों पर कोविड19 महामारी अधिनियम, वीजा नियमों, सरकारी दिशा निर्देशों के उल्लंघन और मिशनरी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। इन सभी विदेशियों को निजामुद्दीन मरकज में अवैध रूप से आयोजित तबलीगी जमात से मार्च में हिरासत में लिया गया था।
मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट गुरमोहिना कौर ने इन विदेशी नागरिकों को 10-10 हजार रुपए के निजी मुचलके पर जमातन दी है। इन विदेशियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इन विदेशी नागरिकों के देशों के उच्चायोगों के अधिकारियों और मामले के आईओ ने कोर्ट में पेश किया। इन आरोपियों की ओर से वकीलों आशिमा मंडला, मंदाकिनी सिंह और फहीम खान ने पैरवी की।
इन वकीलों का कहना है कि ये सभी आरोपी बुधवार को अदालत में समझौता याचिका दायर करेंगे, जिसके तहत ये नागरिक इनपर लगे आरोपों के मद्देनजर कम सजा की मांग करेंगे।
वकील ने बताया कि समझौता याचिका ‘प्ली बारगेन’ के तहत आरोपी अपना अपराध स्वीकार करते हुए कमतर सजा का अनुरोध करता है। यह उन मामलो में दाखिल किया जा सकता है जिनमें अधिकतम सात साल की कैद हो सकती है।