‘बच्चा बाजार में आलू-प्याज की तरह बच्चे बेचे जा रहे हैं। बच्चे बेचने का बड़ा रैकेट कई राज्यों में चल रहा है।’ यह टिप्पणी बृहस्पतिवार को रोहिणी जिला अदालत की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. कामिनी लाऊ ने एक माह की बच्ची के खरीद-फरोख्त मामले में की।
अदालत ने बच्ची से क्रूरतापूर्ण व्यवहार के लिए रोहिणी स्थित एक अस्पताल की मिड वाइफ संतोष और सहयोगी ओटी अटेंडेंट इस्लामुद्दीन व अनीता को जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत तीन-तीन माह कैद की सजा सुनाई है।
वहीं, अदालत ने ऐसे मामलों के संबंध में कोई कानून नहीं होने से तीनों को आपराधिक साजिश, अपहरण, बच्चों को छोड़ देने और मानव तस्करी के आरोपों से बरी कर दिया।