फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोर्ट ने पीड़ित से गलत बयान दिलवाने पर वकील के खिलाफ दिया जांच का निर्देश

Mon, 24 Aug 2020 12:27 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
विज्ञापन
court - फोटो : court
विज्ञापन

कड़कड़डूमा कोर्ट ने उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में पुलिस की एक रिपोर्ट के आधार पर वकील महमूद प्राचा के खिलाफ जांच का निर्देश दिया है। पुलिस का आरोप है कि वकील ने पीड़ितों को गलत बयान देने के लिए कहा था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को मामले में वकील महमूद प्राचा के खिलाफ जांच करने के निर्देश दिए।

विज्ञापन


पुलिस की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि प्राचा ने दंगा पीड़ितों को मामले में उन लोगों के खिलाफ गलत बयान देने के लिए कहा, जिन्हें पीड़ित जानते भी नहीं थे। पुलिस ने कहा कि वकील ने पीड़ितों से कहा कि अगर वे आरोपियों के खिलाफ ज्यादा गंभीर आरोप लगाएंगे तो उनका पक्ष और मजबूत होगा।

पुलिस ने रिपोर्ट ने कहा कि पीड़ित अली ने पुलिस को बताया कि प्राचा ने एक अन्य मामले में चश्मदीद गवाह शरीफ की पहचान करने के लिए उससे संपर्क किया था। प्राचा ने अली से कहा था कि उसे यह बयान देना होगा कि उसने 24 फरवरी को दंगे के दौरान शरीफ को अपनी दुकान जलाते हुए देखा था। अली ने पुलिस को बताया कि उसे शरीफ के बारे में कुछ पता नहीं था और ना ही उसने शरीफ को कभी देखा था। इसके बावजूद उसे गलत बयान देने के लिए कहा गया था। पुलिस ने कहा कि पीड़ित ने इसी तरह से तीन लोगों नवनीत, दीपक और मिंटू को भी झूठे आरोप में फंसाया।
विज्ञापन


वहीं वकील प्राचा ने उनपर लगाए गए अरोपों को गलत ठहराया। उन्होंने कहा कि वह उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में कई मामलों की पैरवी कर रहे हैं। उनके मुवक्किलों ने पुलिस की जांच को लेकर सवाल उठाए हैं और पुलिस उसके बदले में मेरे खिलाफ गलत आरोप लगा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें