फिरोजशाह कोटला मैदान पर टी-20 विश्वकप क्रिकेट सेमीफाइनल के लिए आरपी मेहरा ब्लाक को इस्तेमाल के मुद्दे पर दिल्ली जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) को हाईकोर्ट से झटका लगा है।
अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक इस ब्लाक के इस्तेमाल के लिए उसे कंपलीशन प्रमाणपत्र नहीं मिलता वे कानून का उल्लंघन कर उसे इसके इस्तेमाल की इजाजत नहीं दे सकते। अदालत के कड़े रवैये को देख डीडीसीए ने अपनी याचिका वापस ले ली।
गौरतलब है कि इसी मुद्दे को लेकर डीडीसीए की याचिका सर्वोच्च न्यायालय में भी विचाराधीन है और उस पर 28 मार्च को सुनवाई तय है। तय नियमों के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय में मुद्दा लंबित होने पर हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकती थी लेकिन इस मामले में डीडीसीए, एमसीडी या किसी अन्य पक्ष ने हाईकोर्ट को अवगत नहीं करवाया कि मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है।
न्यायमूर्ति एस.मुरलीधर व न्यायमूर्ति विभू बाखरू की खंडपीठ ने डीडीसीए के उस तर्क को खारिज कर दिया कि यदि उक्त ब्लाक के इस्तेमाल की इजाजत न मिली तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) सेमीफाइनल को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित कर देगी।
अदालत ने कहा कि आईसीसी पर हमारा नियंत्रण नहीं है। ओल्ड हाउस क्लब पर बिना कंप्लीशन प्रमाणपत्र के मुददे पर आईसीसी क्या कह रही है और मैच स्थानांतरित कर सकती है, उस पर हम कुछ नहीं कह सकते।