चेक बाउंस से जुड़ा है मामला, मामले की अंतिम सुनवाई 1 अप्रैल को
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में दोबारा जेल भेजने से इन्कार कर दिया है। न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा की एकल पीठ ने कहा कि वो भाग नहीं रहे। कोर्ट ने शिकायतकर्ता की उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें राजपाल की सजा निलंबन वाली अंतरिम राहत को रद्द करने की मांग की गई थी।
चेक बाउंस से जुड़ा है मामला
यह मामला एक प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ राजपाल यादव द्वारा जारी किए गए चेक बाउंस से जुड़ा है। इसमें करीब 9 करोड़ रुपये का कर्ज बताया जा रहा है। मई 2024 में सेशन कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराते हुए 6 महीने की सजा सुनाई थी। फरवरी 2025 में हाईकोर्ट ने उनकी सजा को निलंबित कर दिया था, लेकिन सेटलमेंट के वादे पर। उन्होंने कंपनी से समझौता करने का आश्वासन दिया था, लेकिन पैसे नहीं चुकाए। इसके बाद फरवरी 2026 में कोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था, जिसके बाद उन्होंने 5 फरवरी को तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण किया। बाद में अंतरिम जमानत मिली और वे बाहर आए।
कोर्ट में मौजूद रहे राजपाल
अब शिकायतकर्ता ने सजा निलंबन रद्द करने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने इसे ठुकरा दिया। सुनवाई के दौरान राजपाल यादव खुद कोर्ट में पेश हुए। शिकायतकर्ता के वकील ने कहा कि यादव मीडिया ट्रायल कर रहे हैं और सजा निलंबन रद्द किया जाए। लेकिन न्यायमूर्ति शर्मा ने साफ कहा कि मीडिया ट्रायल से अदालत को कोई फर्क नहीं पड़ता। न्यायाधीश ने यादव की मौजूदगी पर जोर देते हुए कहा कि भागने का कोई खतरा नहीं है।
कोर्ट ने मामले की अंतिम सुनवाई 1 अप्रैल 2026 को तय की है। न्यायमूर्ति शर्मा ने कहा कि अगर यादव अब भी समझौता करना चाहते हैं और पैसे चुकाने का प्रस्ताव लाते हैं, तो कोर्ट उस पर विचार कर सकती है।