शिकायतकर्ता महिला ने कोर्ट के समक्ष पुष्टि की कि उसने बिना किसी दबाव, भय या जबरदस्ती के याचिकाकर्ता के साथ मामले का निपटारा किया है और उसे एफआईआर रद्द करने पर कोई आपत्ति नहीं है। यह एफआईआर महिला की गरिमा का अपमान करने वाले शब्द, इशारे या कार्य के अपराध के लिए दर्ज की गई थी। कोर्ट ने 30 मई को कहा, यह तथ्य कि दोनों पक्षों ने विवाद को समाप्त कर दिया है, मौजूदा एफआईआर को जारी रखने से कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं होगा।
महिला ने आरोप लगाया था कि पिछले साल 28 मई को इंदौर से दिल्ली की उड़ान के दौरान, याचिकाकर्ता ने उसे लगातार घूरा और असहज किया। उसने कहा कि उतरने के बाद, उसने पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। दिल्ली पुलिस के वकील ने कहा कि समझौते के मद्देनजर, एफआईआर और चार्जशीट को रद्द करने पर कोई आपत्ति नहीं है।