अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ.एम.सी. मिश्रा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही। एक सप्ताह के अंदर दूसरी बार अदालत ने हौज खास पुलिस से एम्स और ट्रॉमा सेंटर में कथित भ्रष्टाचार के मामले में पुलिस से अभी तक की कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 6 फरवरी को होगी।
जिला न्यायालय साकेत के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अंकित सिंगला ने हौज खास थाना पुलिस से चार सवाल पूछे हैं। अदालत ने पूछा है कि क्या इस संबंध में पुलिस को कोई शिकायत मिली है। यदि शिकायत मिली है तो क्या कोई कार्रवाई की है।
यह भी पूछा है कि यदि शिकायत के आधार पर कोई मामला बनता है तो प्राथमिकी दर्ज की है या नहीं। पुलिस को अब अपनी रिपोर्ट 6 फरवरी को अदालत को सौंपनी है।
जनहित अभियान नाम की एक संस्था की ओर से एम्स ट्रॉमा सेंटर के प्रमुख सह एम्स निदेशक, ट्रामा सेंटर के एक चिकित्सक, स्टोर ऑफिसर टी.आर.महाजन और मेसर्स दृष्टि मेडिकोज के खिलाफ पुलिस में नवंबर 2015 में शिकायत दी थी और कार्रवाई करने की मांग की थी, लेकिन जब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तब संस्था की ओर से अदालत में अर्जी दी गई।
शिकायत में एम्स ट्रॉमा सेंटर में सामान्य चीजों की खरीद के लिए प्रोपराइटी घोषित की गई और किसी खास को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से उसी कंपनी से सामान को 40 से 50 फीसदी ज्यादा कीमत पर खरीदी गई।
इस संबंध में एम्स के पूर्व सीवीओ ने जांच के बाद आरोप सही पाए और आगे की कार्रवाई के लिए सीबीआई को भेजी थी। सीबीआई ने भी जांच कर अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंप दी है।