नई दिल्ली।
द्वारका कोर्ट ने शादी के एक साल से भी कम समय में पत्नी की आत्महत्या के मामले में पति और उसके पूरे परिवार को आरोपों से बरी कर दिया है। अदालत ने मृतका के मोबाइल से प्राप्त मैसेजों को महत्वपूर्ण सबूत मानते हुए कहा कि मृतका में शादी से पहले से ही गंभीर आत्मघाती प्रवृत्ति और नकारात्मक भावनाएं थीं। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश निपुण अवस्थी ने दमनदीप, हरप्रीत सिंह, अमरजीत कौर, मिलनदीप कौर को आरोपों से मुक्त कर दिया।
यह है मामला : मृतका हरिंदर कौर का आरोपी दमन दीप से 6 दिसंबर 2017 को विवाह हुआ था। शादी के महज दो महीने बाद 16 फरवरी 2018 को शाम को हरिंदर ने अपने ससुराल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। चूंकि विवाह के एक साल के अंदर मौत हुई थी, इसलिए कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने जांच की और मृतका की मां की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई। मृतका की मां ने आरोप लगाया था कि पति और ससुराल वाले हरिंदर को दहेज के रूप में 10 लाख रुपये और एक बड़ी गाड़ी की मांग करते हुए लगातार प्रताड़ित करते थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शादी के बाद मृतका को मायके जाने नहीं दिया जाता था।