सुल्तानपुर के एक मेडिकल स्टोर में शनिवार रात अज्ञात लोगों ने आग लगाकर दंपति को जिंदा जलाकर मारने की कोशिश की। गनीमत रही कि समय रहते पहुंचे ग्रामीणों और पुलिस ने बेसमेंट में फंसे दंपति को बेहोशी की हालत में बाहर निकाल लिया।
स्टोर संचालक और उसकी पत्नी ने व्यवसायिक प्रतिद्वंद्वता में मेडिकल स्टोर में आग लगाकर उन्हें मारने की कोशिश का आरोप लगाया है। पुलिस घटना की जांच कर रही है।
रिपोर्टिंग चौकी क्षेत्र के गांव ख्वासपुर निवासी विपिन शर्मा सुल्तानपुर गांव के बाहर मेडिकल स्टोर चलाते हैं। वह पत्नी चित्रा शर्मा के साथ मेडिकल स्टोर के बेसमेंट में रहते हैं। शनिवार रात लगभग साढ़े 11 बजे मेडिकल स्टोर में भीषण आग लग गई।
आग की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया। लोग और चौकी पुलिस मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में जुट गई। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद लोगों ने आग बुझाई और बेसमेंट में फंसे दंपति को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला। विपिन शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
‘जिंदा बचने की उम्मीद छोड़ चुके थे हम’
मेडिकल स्टोर संचालक विपिन शर्मा और चित्रा शर्मा ने बताया कि खाना खाकर हम सो गए थे। धुएं के कारण दम घुटने से हमारी नींद खुल गई। इसके बाद हम आग से बचने के लिए मशक्कत करने लगे। जब हमें होश आया तो हम दुकान के बाहर थे। हम दोनों जिंदा बचने की उम्मीद छोड़ चुके थे।
‘दुकानदारी की प्रतिद्वंदिता में लगाई गई आग’
दंपति की का कहना है कि उन्होंने 26 जनवरी को दो दुकानों को मिलाकर मल्टीपर्पज स्टोर खोला था। दवा के साथ वह किराना का सामान भी बेचते थे। ग्रामीण इलाके में हाईटेक स्टोर खुलने से उनका व्यवसाय दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा था।
इससे अन्य दुकानदारों पर असर पड़ रहा था। एक-दो दुकानदार मन ही मन उनसे कुढ़ रहे थे। आशंका है कि व्यवसायिक प्रतिद्वंद्वता के कारण उन्हें जिंदा जलाकर मारने की कोशिश की गई है।