यह होंगे फायदे
1. ईको-पार्क अनौपचारिक क्षेत्र के संचालकों को औपचारिक पेशेवर के रूप में तैयार करने के लिए बुनियादी ढांचा, प्रशिक्षण और उपकरण प्रदान करेगा।
2. ईको-पार्क पर्यावरण और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव को कम करने में मदद करेगा और ई-कचरे के पुनर्चक्रण के लिए अनौपचारिक क्षेत्र में लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाएगा।
3. यह संगठित क्षेत्र में पर्यावरण की दृष्टि से अनुकूल ई-कचरा पुनर्चक्रण के लिए एक माध्यम बनेगा।
4. वर्तमान में दिल्ली में हर साल लगभग दो लाख टन ई-कचरा निकलता है। इसमें से करीब 90 फीसदी पुनर्चक्रण नहीं हो रही है।
क्या होता है इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट (ई-वेस्ट)
हम अपने घरों और उद्योगों में जिन इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों को इस्तेमाल के बाद फेंक देते हैं। वहीं इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट (ई-वेस्ट) होता है। कंप्यूटर, लैपटाप, मोबाइल, चार्जर, ईयर फोन, हेड फोन, प्रिंटर, फोटो कॉपी मशीन, कैमरा, टेलीविजन, एलसीडी, एलईडी, रेडियो, टेप रिकॉर्डर समेत दूसरे खराब सामान इसी श्रेणी में आते हैं। इनसे समस्या तब उत्पन्न होती है जब इस कचरे का उचित तरीके से कलेक्शन नहीं किया जाता। साथ ही इनके गैर-वैज्ञानिक तरीके से निपटान किए जाने की वजह से पानी, मिट्टी और हवा जहरीली होती जा रही है। यह सेहत के लिए नुकसानदेह है।
एम्स में विश्व स्तरीय मेडिकल विश्वविद्यालय के लिए भूृ-उपयोग को मंजूरी
एम्स की 79.73 हेक्टेयर की पुनर्विकास योजना के तहत भू-उपयोग को मंजूरी डीडीए ने दी है। इसमें एम्स परिसर में विश्व स्तरीय मेडिकल विश्वविद्यालय बनाने के लिए भूमि के पांच हिस्से शामिल हैं। वहीं, योजना के तहत 1.69 हेक्टेयर भूमि के भूमि उपयोग में परिवर्तन के लिए मंजूरी प्रदान की गई है, जो कि मनोरंजन पार्क से अर्ध-सार्वजनिक शिक्षा और अनुसंधान विश्वविद्यालय के लिए उपयोग में लाया जाएगा। इससे दिल्ली में स्वास्थ्य सुविधाओं में और सुधार होगा। एम्स के नए मास्टर प्लान में तीन हजार बेड का नया अस्पताल, नया अकादमिक और स्नातक और स्नातकोत्तर कई पाठ्यक्रम शामिल हैं। साथ ही नए छात्रावास ब्लॉकों को भी एम्स के मास्टर प्लान में शामिल किया गया है। वहीं 1.69 हेक्टेयर भूमि उपयोग में परिवर्तन को मंजूरी दी गई है।
एनडीआरफ मुख्यालय होगा तैयार
डीडीए ने एनडीआरएफ मुख्यालय के लिए वसंत विहार में भू उपयोग बदलने को मंजूरी दी है। इसके तहत 0.6769 हेक्टेयर रिहायशी जमीन का सरकारी उपयोग के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। एनडीआरएफ में वर्तमान में 16 बटालियन व 28 क्षेत्रीय रिस्पांस केंद्र है। समय के साथ बल का दायरा बढ़ने के साथ उचित जगह न होने के कारण एनडीआरएफ को अपने राष्ट्रीय आपातकालीन संचार योजना को लागू करने में परेशानी हो रही है।
इलेक्ट्रिक सब स्टेशन की राह आसान
डीडीए ने मेट्रो फेज तीन परियोजनाओं के तहत कश्मीरी गेट पर इलेक्ट्रिक सब स्टेशन के लिए भू-उपयोग परिवर्तन को मंजूरी दी है। मंजूरी के तहत 10236.69 वर्ग मीटर जमीन का भू-उपयोग कर इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन बनाया जाएगा। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने में मदद मिल सकेगी।
एकल उपयोग प्लास्टिक इकाइयों पर जुलाई से बढ़ेगी सख्ती
दिल्ली में एकल उपयोग प्लास्टिक के उपयोग को लेकर एक जुलाई से सख्ती बढ़ेगी। इस कड़ी में पर्यावरण विभाग चिन्हित 19 वस्तुओं पर प्रतिबंध के अनुपालन के लिए एक जुलाई से तीन दिवसीय अभियान शुरू करेगा। अभियान के तहत नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सभी निर्माताओं, आपूर्तिकर्ताओं और स्टॉकिस्टों पर रोक लगाई जाएगी।
एक अधिकारी के मुताबिक, पहचाने गए प्लास्टिक में ईयरबड, गुब्बारों के लिए प्लास्टिक की छड़ें, झंडे, कैंडी की छड़ें, आइसक्रीम की छड़ें, पॉलीस्टाइनिन (थर्मोकोल), प्लेट, कप, गिलास, कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, ट्रे, रैपिंग मिठाई के बक्से पर लपेटे जाने वाली फिल्म, निमंत्रण कार्ड, सिगरेट पैकेट, प्लास्टिक या पीवीसी बैनर 100 माइक्रोन से कम और स्टिरर शामिल है। उन्होंने बताया कि निर्माताओं, स्टॉकिस्टों को सख्त निर्देश जारी करते हुए यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं के आपूर्तिकर्ता और वितरक चिन्हित 19 उप्तादों की शून्य सूची जुलाई के पहले सप्ताह के भीतर तैयार करें। जो शून्य सूची नहीं बनाएगा उस इकाई को बंद कर दिया जाएगा। आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए निर्माताओं, ब्रांड मालिकों, आपूर्तिकर्ताओं और स्टॉकिस्टों के साथ दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाएगा।