दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने हाई प्रोफाइल जालसाज को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने मध्यप्रदेश में कृषि भूमि सस्ते दामों पर बेचनेे का झांसा देकर 1.6 करोड़ रुपये ठग लिए थे। कुछ लोगों को कृषि भूमि का मालिक बताकर फर्जी रजिस्ट्री करवा दी थी। आरोपी दो वर्षों से फरार था और दिल्ली पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
अपराध शाखा के डीसीपी डा. जी रामगोपाल नायक के अनुसार, पीतमपुरा निवासी व्यवसायी राजेश कुमार ने 31 अक्तूबर, 2015 को मंगोलपुरी थाने में शिकायत दी थी कि, मे. प्योर कंसल्टेंसी सॉल्यूशन प्राइवेट लि. के निदेशक कुलदीप खरे ने अपने साथियों के साथ बेतूल, मध्यप्रदेश में 100 एकड़ कृषि भूमि को सस्ते दामों पर बेचने की बात कही। आरोपियों के कहने पर उसने 1.6 करोड़ रुपये उनके खातों में ट्रांसफर कर दिए। पेमेंट लेने के बाद आरोपियों ने कुछ लोगों को जमीन का मालिक बताया और कृषि भूमि की रजिस्ट्री करवा दी।
पीड़ित राजेश कुमार जब भूमि पर कब्जा लेने मध्यप्रदेश गया तो पता लगा कि जिन लोगों ने रजिस्ट्री करवाई थी, उन लोगों के नाम जमीन है ही नहीं। मंगोलपुरी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि मुख्य आरोपी कुलदीप खरे को अंतरिम जमानत मिल गई थी। इसके बाद आरोपी फरार हो गया था।
एसीपी पंकज सिंह की देखरेख में कई महीने की जांच के बाद इंस्पेक्टर विकास राणा की टीम ने भोपाल, मध्यप्रदेश निवासी आरोपी कुलदीप खरे (35) को निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से 10 मार्च को गिरफ्तार कर लिया। सुनील खरे यहां किसी से मिलने आया था। आरोपी ने भोपाल से वर्ष 2008 में एमबीए किया था। इसके बाद इसने फाइनेंस का काम शुरू किया। जल्द अमीर बनने के लिए ये जालसाजी करने लगा।