दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने कंझावला में नकली लुब्रिकेंट/मोबाइल ऑयल निर्माण इकाई का भंडाफोड़ करते हुए दो मालिकों समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 2,600 लीटर नकली लुब्रिकेंट ऑयल और मशीनरी बरामद की हैं। बरामद नकली ऑयल की कुल कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई जा रही है।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम ने बताया कि शाखा की आईएससी में तैनात इंस्पेक्टर कमल कुमार को कंझावला क्षेत्र में नकली लुब्रिकेंट/इंजन ऑयल निर्माण की सूचना मिली थी। जांच में पुलिस को पता चला कि सकलान अहमद उर्फ प्रिंस, अपने भाई सोहिद उर्फ अल्लू के साथ मिलकर निर्माण इकाई चला रहा है। पुलिस टीम ने छापा डाला और 2,600 लीटर नकली तेल, पैकेजिंग सामग्री जब्त की। अवैध निर्माण और वितरण नेटवर्क में शामिल पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। बाकी गिरफ्तार तीन आरोपियों के नाम शकीलुद्दीन उर्फ शकील (38), शान मोहम्मद (36) और मोहम्मद सलमान (25) हैं। ये यहां काम करते थे।
प्रारंभिक पूछताछ से पता चला है कि इस इकाई का संचालन आगरा, यूपी निवासी प्रिंस और सोहिद अहमद उर्फ अल्लू नामक दो भाई कर रहे थे। फैक्ट्री परिसर मई 2025 में कंझावला निवासी अजीत से किराए पर लिया गया था। इससे पहले आरोपी 2022 से दिल्ली में ऐसी एक अवैध इकाई चला रहे थे। प्रतिष्ठित ब्रांडों के जाली लेबल, होलोग्राम और पैकेजिंग का उपयोग करके, वे असली जैसे दिखने वाले नकली उत्पाद बनाते थे। फिर नकली तेल को स्थानीय ऑटो दुकानों, वर्कशॉप और थोक विक्रेताओं को रियायती दरों पर बेचा जाता था।
आरोपी हर महीने आरोपी लगभग 8,000-10,000 लीटर नकली तेल (10 बोतलों वाले 800-1000 कार्टन) बनाकर बेचते थे, जिससे उन्हें लगभग 2.5 लाख प्रति माह की कमाई होती थी। नकली पैकेजिंग लगभग मूल ब्रांडिंग जैसी ही होती थी, जिससे आम खरीदारों या मैकेनिकों के लिए उसे पहचानना बेहद मुश्किल हो जाता था। शान मोहम्मद स्नातकोत्तर (एम.एससी. केमिकल इंजीनियरिंग) है। पहले वह फार्मा कंपनी में काम करता था।