दिल्ली प्रदेश भाजपा कार्यालय में टिकट के लिए आवेदन करने वालों का बृहस्पतिवार को भी तांता लगा रहा, जबकि आवेदन करने की अंतिम तिथि खत्म हो चुकी है। पार्टी ने बुधवार तक आवेदन जमा कराने का समय निश्चित किया था।
उधर, दूसरे दलों से भाजपा में आए पार्षदों ने अपनी ईमानदारी की दुहाई देकर प्रधानमंत्री से टिकट देने का आग्रह किया है। वहीं कुछ पार्षदों ने पार्टी आलाकमान के टिकट नहीं देने के फैसले के समर्थन में होर्डिग्स लगाए है।
भाजपा आलाकमान के पार्षदों के टिकट काटने के बाद प्रदेश कार्यालय में उम्मीदवार बनने के लिए आवेदन करने वालों का तांता लगा हुआ है। हालांकि भाजपा के पास कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की तुलना में कम आवेदन आए है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार करीब नौ हजार आवेदन जमा कराए गए है, जबकि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी में यह आंकड़ा 10 हजार से अधिक है। उधर प्रदेश भाजपा कार्यालय में बृहस्पतिवार को विकलांग भी टिकट मांगने के लिए पहुंचे।
करीब आधा दर्जन विकलांग व्हील चेयर पर टिकट के लिए आवेदन करने आए। इन विकलांगों में इंटरनेशनल खिलाड़ी स्वर्णा भी शामिल है। उनका कहना है कि वह राजनीति में आकर अपने जैसे विकलांग खिलाडिय़ों के लिए कार्य करना चाहती है। स्वर्णा भाजपा की सदस्य नहीं है, मगर वह भाजपा के टिकट पर चुनाव लडना चाहती है।
दूसरी ओर भाजपा पार्षद कृष्ण गहलोट और राजपाल राणा ने पार्टी आलाकमान के पार्षदों को टिकट नहीं देने और नए चेहरों को अवसर देने के निर्णय के समर्थन में पार्टी कार्यालय के बाहर होर्डिग्स लगाए है।
वहीं करीब दो साल पहले कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुई पार्षद भूमि रछौया ने पार्षदों को टिकट नहीं देने के फैसले का स्वागत किया है, लेकिन नगर निगम में भ्रष्टाचार के मामले उजागर करने और आपोरियों के खिलाफ कार्रवाई कराने पर प्रधानमंत्री से इनाम मांगा है। उन्होंने अप्रत्यक्ष तौर पर टिकट देने की मांग की है।