जामिया मिल्लिया इस्लामिया के दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर शिक्षकों के विरोध का रूख नरम पड़ गया है।
छात्रों के साथ शिक्षकों के विरोध के चलते पूर्व कुलपति व उपराज्यपाल नजीब जंग के दखल के चलते अब शिक्षकों ने नरम रूख अपनाया है। हालांकि पूर्व छात्रों का बड़ा वर्ग अभी भी विरोध में खड़ा है।
जामिया के वार्षिक दीक्षांत समारोह में हर वर्ष किसी प्रमुख हस्ती को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया जाता है। वर्ष 2014 के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने छात्रों को डिग्री दी थी।
इसी के तहत विश्वविद्यालय ने वर्ष 2015 के समारोह के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निमंत्रण भेजा था। जामिया प्रबंधन के निमंत्रण की खबर सार्वजनिक होते ही शिक्षकों के साथ पूर्व छात्र भी विरोध में उठ खड़े हुए थे।