उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार ने ‘अडोप्ट ए होम’ कार्यक्रम चलाया है। इसके तहत कॉरपोरेट सेक्टर की कंपनियां जेजे एक्ट 2015 के तहत पंजीकृत बाल देख रेख संस्थाओं को गोद ले सकते हैं। उपायुक्त ने यहां के कॉरपोरेट हाऊस को सीएसआर के तहत गोद लेने का आह्वान किया।
बता दें कि जेजे एक्ट 2015 के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग हरियाणा सरकार के अधीन 8 बाल देख-रेख संस्थाएं चल रही हैं। उपायुक्त ने ‘अडॉप्ट ए होम’ कार्यक्रम के तहत इन पंजीकृत संस्थाओं की देख-रेख के लिए सभी व्यावसायिक संगठनों, एनजीओ, अन्य संस्थाओं एवं आम जन की भागीदारी के लिए अपील की है।
संस्थाएं इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार, बच्चों के बेडिंग, लॉकर, अलमारी, कुर्सी, मेज, कूलर, आरओ सिस्टम , बर्तन, बच्चों के खेल का सामान, उनकी पढ़ाई का खर्च उठाने, शॉर्ट टर्म कोर्सेज, वोकेशनल ट्रेनिंग, बाथरूम व टॉयलेट निर्माण आदि सहित विभिन्न कार्य करवा सकती है।
इस कार्यक्त्रस्म में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यावसायिक संगठनों, संस्थाओं एवं आम जन महिला एवं बाल विकास विभाग गुरुग्राम के विकास सदन स्थित कार्यालय में कार्यदिवस के दौरान सुबह 09 बजे से सांय 5 बजे तक संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, महिला एवं बाल विकास विभाग गुरुग्राम के दूरभाष नंबर 0124-2331148 तथा 0124-2300098 पर भी संपर्क किया जा सकता है।