निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात के मरकज के क्वारंटीन किए गए लोगों ने दिल्ली में साकेत के जे, एम, एल, क्यू समेत कई ब्लाक के लोगों का जीना हराम कर दिया है। इनमें अधिकतर बांग्लादेश, इंडोनेशिया समेत कुछ अन्य देशों के नागरिक हैं।
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ट अधिवक्ता अशोक सिंह ने बताया कि सरकार ने निजामुद्दीन की इमारत से निकाले गए लोगों को साकेत के बीचोंबीच स्थित सरकारी स्कूल में आइसोलेट किया गया है। ये सभी क्वारंटीन किए गए लोग लगातार स्कूल की बाऊंड्री आदि पर चढ़कर अभद्रता कर रहे हैं।
इनके थूकने, खांसने और छींकने से आसपास की कालोनी के सभी लोग मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं। अशोक सिंह का कहना है कि अमेरिका में कोरोना का वायरस हवा में काफी दूर तक व्यक्ति तक को प्रभावित कर रहा है।
इस तरह की सूचनाएं भी साकेत के लोगों को परेशान कर रही हैं। दिल्ली पुलिस की एक यूनिट स्कूल के पास पहरा दे रही है। बताते हैं दिल्ली पुलिस के जवान भी परेशान हैं।
रेजीडेट वेलफेयर एसोसियेशन ने की है शिकायत
साकेत रेजीडेंट वेलफेयर एसोसियेशन के अध्यक्ष रामपाल वर्मा, सचिव आरपी गोयल समेत अन्य ने जिलाधिकारी साकेत से तब्लीगी जमात के लोगों को हटाने का अनुरोध किया है। अशोक सिंह बताते हैं कि जिलाधिकारी से मिलकर वेलफेयर एसोसियेशन ने तबलीगियों को आवासीय बस्ती से कहीं और ले जाकर क्वारंटीन करने की मांग की है।